Sunday, May 18, 2025
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer
Ritam Digital Hindi
Advertisement Banner
  • Home
  • Nation
  • World
  • Videos
    • Special Updates
    • Rashifal
    • Entertainment
    • Legal
    • Business
    • History
    • Viral Videos
  • Politics
  • Business
  • Entertainment
  • Sports
  • Opinion
  • Lifestyle
No Result
View All Result
Ritam Digital Hindi
  • Home
  • Nation
  • World
  • Videos
    • Special Updates
    • Rashifal
    • Entertainment
    • Legal
    • Business
    • History
    • Viral Videos
  • Politics
  • Business
  • Entertainment
  • Sports
  • Opinion
  • Lifestyle
No Result
View All Result
Ritam Digital Hindi
No Result
View All Result
  • Home
  • Nation
  • World
  • Videos
  • Politics
  • Business
  • Entertainment
  • Sports
  • Opinion
  • Lifestyle
Home Nation

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला, मदरसा एक्ट को बताया संवैधानिक

बता दें कि अंशुमान सिंह राठौड़ नाम के व्यक्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मदरसा बोर्ड कानून के खिलाफ याचिका लगाई थी.

Editor Ritam Hindi by Editor Ritam Hindi
Nov 5, 2024, 01:02 pm IST
मदरसा (फाइल फोटो)

मदरसा (फाइल फोटो)

FacebookTwitterWhatsAppTelegram

Supreme Court On Madrasa Act: उत्तर प्रदेश में लगभग 17 लाख मदरसा छात्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मदरसा शिक्षा अधिनियम 2004 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उसने मदरसा एक्ट रद्द करते हुए कहा था कि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है.

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने ये फैसला दिया है. पीठ ने माना कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया था वो सही नहीं था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मदरसा एक्ट को भी सही बताया है.बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था.

हालांकि उस समय सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा था कि राज्य के दायरे में काजिल और फाजिल के तहत डिग्री देना नहीं है. यह यूजीसी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है. बता दें कि अंशुमान सिंह राठौड़ नाम के व्यक्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मदरसा बोर्ड कानून के खिलाफ याचिका लगाई थी. याचिका में इस कानून के संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी.

इसी याचिका पर फैसला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 ‘असंवैधानिक’ है. साथ ही इसे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन करने वाला बताया था. इतना ही नहीं राज्य सरकार को ये आदेश भी दिया था कि मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को सामान्य स्कूलिंग सिस्टम में शामिल किया जाए.

वहीं ये भी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद यूपी के 16 हजार मदरसे चालू रहेंगे. वैसे यूपी में कुल 23,500 मदरसे हैं. इनमें से 16,513 मदरसों को मान्यता मिली हुई है. यानी ये मदरसे रजिस्टर्ड हैं. इसके अलावा 8,000 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त हैं. मान्यता प्राप्त मदरसों में 560 ऐसे हैं, जो एडेड हैं. यानी 560 मदरसों का संचालन सरकारी पैसों से होता है.

ये भी पढ़ें: विदेश मंत्री बोले- ‘कनाडा में चरमपंथी ताकतों को मिल रहा राजनीतिक स्पेस’, हिंदू मंदिर पर हुए हमले की भी की निंदा

Tags: Supreme CourtAllahabad High CourtSupreme Court NewsMadrasa ActSupreme Court On Madrasa Act
ShareTweetSendShare

संबंधितसमाचार

आतंक के समर्थक तुर्की पर भारत का कड़ा प्रहार
Nation

आतंक के समर्थक तुर्की पर भारत का कड़ा प्रहार, पर्यटन से व्यापार तक सर्वव्यापी बहिष्कार

'शरिया' बंदिशों में बंधा अफगानिस्तान, जानिए 2021 से अब तक के बड़े प्रतिबंध
Nation

‘शरिया’ बंदिशों में बंधा अफगानिस्तान, जानिए 2021 से अब तक के बड़े प्रतिबंध

सामने आई पाकिस्तान की एक और जिहादी साजिश
Nation

सोशल मीडिया पर कर्नल सोफिया कुरैशी के घर पर हमले की कहानी झूठी, मामला निकला फर्जी

पाकिस्तान ने भारत के सामने टेके घुटने
Nation

पाकिस्तान ने BSF जवान पूर्णिया कुमार को छोड़ा, DGMO की बैठक के बाद हुई रिहाई

बीआर गवई बने भारत के मुख्य न्यायधीश
Nation

जस्टिस बीआर गवई बने भारत के 52वें चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ

कमेंट

The comments posted here/below/in the given space are not on behalf of Ritam Digital Media Foundation. The person posting the comment will be in sole ownership of its responsibility. According to the central government's IT rules, obscene or offensive statement made against a person, religion, community or nation is a punishable offense, and legal action would be taken against people who indulge in such activities.

ताज़ा समाचार

आतंक के समर्थक तुर्की पर भारत का कड़ा प्रहार

आतंक के समर्थक तुर्की पर भारत का कड़ा प्रहार, पर्यटन से व्यापार तक सर्वव्यापी बहिष्कार

'शरिया' बंदिशों में बंधा अफगानिस्तान, जानिए 2021 से अब तक के बड़े प्रतिबंध

‘शरिया’ बंदिशों में बंधा अफगानिस्तान, जानिए 2021 से अब तक के बड़े प्रतिबंध

सामने आई पाकिस्तान की एक और जिहादी साजिश

सोशल मीडिया पर कर्नल सोफिया कुरैशी के घर पर हमले की कहानी झूठी, मामला निकला फर्जी

पाकिस्तान ने भारत के सामने टेके घुटने

पाकिस्तान ने BSF जवान पूर्णिया कुमार को छोड़ा, DGMO की बैठक के बाद हुई रिहाई

बीआर गवई बने भारत के मुख्य न्यायधीश

जस्टिस बीआर गवई बने भारत के 52वें चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ

हिन्दू पहचान के आधार पर अब तक देश में कहां और कितनी हत्याएं?

हिन्दू पहचान के आधार पर अब तक देश में कहां और कितनी हत्याएं?

भारत में 'एक्स' पर चीनी अखबार Global Times का अकाउंट बंद, फेक न्यूज फैलाने पर कार्रवाई

भारत में ‘एक्स’ पर चीनी अखबार Global Times का अकाउंट बंद, फेक न्यूज फैलाने पर कार्रवाई

आदमपुर एयरबेस ही क्यों पहुंचे पीएम मोदी?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले दौरे के लिए PM मोदी ने क्यों चुना आदमपुर एयरबेस? जानें इसके पीछे की वजह

पंजाब के आदमपुर में गरजे पीएम मोदी

‘पाकिस्तान ने फिर से दुस्साहस दिखाया तो उसका मुंह तोड़ जवाब देंगे…’ आदमपुर एयरबेस से गरजे PM मोदी

पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता रहेगा स्थगित

भारत-पाक सीजफायर के बाद भी ‘सिंधु जल समझौता’ रहेगा स्थगित? पाकिस्तान पर कूटनीतिक कार्रवाई जारी

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer

© Ritam Digital Media Foundation.

No Result
View All Result
  • Home
  • Nation
  • World
  • Videos
  • Politics
  • Opinion
  • Business
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Sports
  • About & Policies
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    • Disclaimer

© Ritam Digital Media Foundation.