दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को 2017 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ लंबित ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली के पूर्व कैबिनेट मंत्री सत्येन्द्र जैन की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
याचिका में ट्रायल कोर्ट में आरोपों पर सुनवाई टालने की मांग की गई है. जैन के वकील ने तर्क दिया कि मामले में जांच अभी भी जारी है और अभी तक समाप्त नहीं हुई है.जैन ने याचिका के माध्यम से कहा कि जांच जारी है और इस प्रकार यह न्याय के हित में होगा कि जांच पूरी होने के बाद ही आरोप पर दलीलें सुनी जाएं. वहीं न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की अगुवाई वाली पीठ ने अगली सुनवाई 10 दिसंबर के लिए निर्धारित की.
बता दें कि राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 18 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येन्द्र जैन को जमानत दे दी थी.राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि सत्येंद्र जैन लंबे समय से जेल में हैं और इस मामले में जल्द ट्रायल शुरू होने की संभावना नहीं है. ऐसे में वो जमानत के हकदार हैं. जैन पर साल 2009-10 और 2010-11 फर्जी कंपनियां बनाई.
इन कंपनियों में अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. कंपनियों के माध्यम से अपराध की आय को वैध बनाने का आरोप है. जैन को मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय ने रफ्तार किया था.
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