शिरोमणि अकाली दल के पूर्व प्रधान और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और बादल सरकार के पूर्व मंत्रियों की सजा आज से शुरू हो गई है.आज सुबह सुखबीर बादल सभी नेताओं के साथ अमृतसर स्थित दरबार साहिब पहुंचे. सुखबीर सिंह बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा ने सेवादार का चोला पहना. गले में दोषी माफी वाली तख्ती लटकाने के बाद सुखबीर व ढींडसा दरबार साहिब की मुख्य ड्योढी के बाहर हाथों में बरछे लेकर बैठे. अकाल तख्त साहिब के प्रबंधक ने उनकी हाजिरी लगवाई.
#WATCH | पंजाब: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल अकाल तख्त साहिब द्वारा कल उन्हें सुनाई गई धार्मिक सजा के बाद गले में पट्टिका लटकाए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंचे।
सजा में स्वर्ण मंदिर में 'सेवादार' के रूप में काम करने और बर्तन तथा जूते साफ करने का निर्देश शामिल है।… pic.twitter.com/BXLEagNFnm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 3, 2024
अकाली दल के कार्यवाहक अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़, दलजीत सिंह चीमा समेत कई नेता वहां मौजूद रहे. सुखबीर ने चौकीदार की सजा भुगतने के बाद बर्तन साफ करने व जोड़ाघर में जाकर भी सजा भुगती. सुखबीर बादल के पहली सजा भुगतने के बाद अकाली दल के अन्य सभी नेताओं ने भी आज अपनी धार्मिक सजा भुगतने की शुरुआत की. अन्य नेताओं को यहां के जनता शौचालयों की सफाई करने की सजा दी गई है. अगले दो दिनों तक वो यहां सजा भुगतेंगे.
#WATCH | Former MP Sukhdev Singh Dhindsa says, "The order for 'sewa' is an order for me. This is the order of the Almighty that has been pronounced for me by Akal Takht… I will sit by the gate, I will also offer my services at 'langar'…" https://t.co/RwuixCg9hu pic.twitter.com/iTGwNqBb2S
— ANI (@ANI) December 3, 2024
बता दें अकाल तख्त ने 2007 से 2017 तक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और उसकी सरकार द्वारा की गई ‘गलतियों’ का हवाला देते हुए उन्हें यह सजा सुनाई है. सजा में स्वर्ण मंदिर में ‘सेवादार’ के रूप में काम करने और बर्तन तथा जूते साफ करने का निर्देश शामिल है.
सजा में मिली छूट
बता दें अकाली दल के सभी नेताओं की तरह गुरुद्वारों के वॉशरूम धोने और लंगर हॉल के बर्तन साफ करने की सजा दी गई थी, लेकिन सुखबीर बादल के पैर में चोट लगे होने के चलते और सुखदेव सिंह ढींडसा का स्वास्थ्य खराब होने के चलते. इन दोनों को सजा में छूट दी गई और व्हील चेयर पर ही बैठकर सेवादार की ड्यूटी करने का आदेश दिया गया.
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