बेंगलुरु: एयर फोर्स स्टेशन येलहंका में एशिया की सबसे बड़ी हथियारों की प्रदर्शनी ‘एयरो इंडिया’ का औपचारिक उद्घाटन भले ही सोमवार को होगा लेकिन आज पहली बार वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक साथ उड़ान भरी. दोनों प्रमुख रविवार को स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस में एक साथ 45 मिनट तक आसमान में रहे.
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में पाठ्यक्रम के साथी रहे हैं. दोनों रक्षा बलों के बीच एकजुटता और आत्मनिर्भरता के समर्थन के प्रदर्शन में दोनों प्रमुखों ने रविवार को बेंगलुरु के येलहंका वायु सेना स्टेशन में एलसीए तेजस लड़ाकू विमान के प्रशिक्षक संस्करण में उड़ान भरी. एयरो इंडिया एयर शो की शुरुआत से एक दिन पहले वायु सेना प्रमुख ने बेंगलुरु के एयरो इंडिया में स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस को 45 मिनट तक उड़ाया और उनके साथ सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी भी रहे. उनकी यह उड़ान देश के रक्षा बलों की ओर से ‘मेड इन इंडिया’ हथियार प्रणालियों के लिए समर्थन को प्रदर्शित करने के लिए थी.
#WATCH | #AeroIndia2025 | General Upendra Dwivedi says, ", "It was the best moment of my life. As you are aware Air Chief Marshal AP Singh is my course mate and we have been together since our NDA days. I wish he had met me earlier, I would have changed my option to the Air… https://t.co/IEyh4SsWIq pic.twitter.com/QGXmYIZVWD
— ANI (@ANI) February 9, 2025
एलसीए तेजस विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने निर्मित और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एलसीए तेजस में नवंबर, 2023 में उड़ान भरी थी. भारतीय वायु सेना अपने हवाई बेड़े में लगभग 40 एलसीए तेजस विमानों को शामिल कर चुकी है. निकट भविष्य में 83 और एलसीए मार्क-1ए को शामिल करने की योजना बना रही है. भारतीय वायु सेना ने 83 विमानों के बाद 97 और एलसीए तेजस विमानों को अपने हवाई बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई है. इन विमानों का उत्पादन बढ़ाने के भारत के प्रयासों में तेजी आने वाली है, क्योंकि जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने आवश्यक इंजनों की समय पर डिलीवरी करने का वादा किया है.
एलसीए तेजस मार्क-1ए के लिए अमेरिकी कंपनी जीई इंजन उपलब्ध कराएगी लेकिन आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों के कारण इन विमानों की आपूर्ति में कुछ महीनों की देरी हुई है. देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में तेजस कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होने के साथ इंजन की डिलीवरी में देरी ने उत्पादन कार्यक्रम को दबाव में डाल दिया है. जनरल इलेक्ट्रिक से एयरो-इंजन की संशोधित डिलीवरी के साथ भारत तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार है. एचएएल मार्च-अप्रैल तक पांच तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान और चार तेजस लड़ाकू प्रशिक्षक विमान तैयार करेगा. एचएएल को उम्मीद है कि वह शीघ्र ही उन्नत क्षमताओं के साथ तेजस एमके-2 की तैयारी भी करेगा.
हिन्दुस्थान समाचार
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