नई दिल्ली: अर्थव्यस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. जर्मनी की ब्रोकरेज र्फम ने बुधवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की दिशा में सबसे खराब दौर अब समाप्त हो गया है. डॉयचे बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.2 फीसदी रहने की उम्मीद है.
डॉयचे बैंक ने जारी रिपोर्ट में कहा है कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में जीडीपी की वृद्धि 5.4 फीसदी थी, जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे कम थी. इसके बाद 31 दिसंबर को समाप्त तीसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 6.2 फीसदी रहने की उम्मीद है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल में जारी होने वाले आधिकारिक आर्थिक आकंड़ों से पहले हमें भविष्यवाणियों को लेकर सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि पिछले वित्त वर्षों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है.
उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही का जीडीपी का आंकड़ा 28 फरवरी को जारी किया जाएगा. भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में 6.7 फीसदी रही, लेकिन आम चुनावों के कारण सरकार के पूंजीगत व्यय में कमी तथा कमजोर उपभोग मांग की वजह से जुलाई-सितंबर तिमाही में यह धीमी होकर सात तिमाहियों के निम्नतम स्तर 5.4 फीसदी पर आ गई थी.
हिन्दुस्थान समाचार
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