Mahakumbh 2025: प्रयागराज का महाकुम्भ इस बार बड़ा कीर्तिमान गढ़ गया. 45 दिन तक चले मेले के दौरान अयोध्या में भी श्रद्धालुओं का ऐसा रेला उमड़ा कि हर कोई ताज्जुब हो गया. इतने दिनों में अयोध्या में भी एक इतिहास रच दिया. चार से पांच करोड़ के बीच लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. ऐसा पहली बार हुआ कि प्रभु श्री रामलला के दर्शन को रात एक-एक बजे तक कपाट खोले रखे गए. श्रद्धालुओं ने योगी सरकार के विकास कार्यों व प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमकर तारीफें भी की हैं.
अयोध्या में मकर संक्रांति से श्रद्धालुओं के उमड़ने का क्रम शुरू हुआ तो महाशिवरात्रि तक जारी रहा. 26 जनवरी से तो मानों प्रयागराज ही उमड़ आया. रोजाना 10 से 12 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे थे. श्रद्धालुओं ने न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से अयोध्या को देखा बल्कि पर्यटन का भी नजारा लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने पलक पांवड़े बिछाकर उनका स्वागत-सत्कार किया. साथ ही, उन्हें पूर्ण सुरक्षा दिलाते हुए मंन्दिरों में दर्शन-पूजन भी कराया.
सवा करोड़ ने तो रामलला के दर्शन किये
अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र प्रभु श्री रामलला का मंदिर और हनुमानगढ़ी रहा. प्रभु श्री रामलला के दरबार में तो रात एक-एक बजे तक दर्शन हुए हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र बताते हैं कि 45 दिन के दौरान राम मंदिर में 1.25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की गिनती एआई और डोर मैटल डिटेक्टर के जरिये की गई. लगभग रोजाना श्रद्धालुओं की ओर से 15 लाख का दान दिया जाता रहा है.
होटल-होम स्टे वालों की रही चांदी
श्रद्धालुओं ने अयोध्या का व्यापार भी बढ़ा दिया. फल-फूल, प्रसाद आदि की बिक्री के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और होम स्टे का व्यवसाय बूम कर गया. बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों ने होम स्टे बुक कर अयोध्यावासियों की भी जेबें फुल कर दी. राम मंदिर के निकट के सभी होम स्टे में बुकिंग स्लॉट खाली नहीं दिखे. होमस्टे योजना बनाकर योगी सरकार ने अयोध्या वासियों को रोजगार का एक अच्छा मौका भी दिया है.
प्रशासन के थे चुस्त-दुरुस्त इंतजाम
राम मंदिर के दर्शन को पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी व्यवस्थाएं कर रखी थी. 25 हजार लोगों के ठहरने के लिए आश्रय स्थल, शौचालय, पेयजल, साफ – सफाई व्यवस्था आदि का इंतजाम किया गया था. इसके अलावा रुट डायवर्जन भी किया गया था. भीड़ बढ़ती देख जिले की सीमाओं पर होल्डिंग एरिया बनाये गए थे.
अब रामनवमी की तैयारी में जुटा प्रशासन
मण्डलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि 45 दिन तक चले मेले के दौरान अयोध्या पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा मानकों के अनुसार दर्शन कराए गए. देश के विभिन्न कोने-कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे. इस बार की भीड़ देखकर रामनवमी मेले के लिए बेहतर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है.
हिन्दुस्थान समाचार
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