फ्रांस सरकार ने ट्यूनेशिया के एक इमाम को ‘कट्टरता’ फैलाने के आरोप में देश निकाला किया है. इमाम महजौब महजौबी अपने मस्जिद में दिए गए एक भड़काऊ बयान को लेकर फंस गए हैं. इमाम पर आरोप है कि फ्रांस के बैगनॉल्स-सुर-सीज़ की एटाउबा मस्जिद में उन्होंने कट्टरता फैलाने वाला बयान दिया. जिस पर फ्रांस सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इमाम की गिरफ्तारी के 12 घंटे बाद ही उसको देश से निकालने का आदेश दिया.
इमाम के देश निकालने की जानकारी फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने एक्स पर दी. डर्मैनिन ने लिखा, “फ्रांस ने कट्टरपंथ और अस्वीकार्य टिप्पणियों के लिए एक ट्यूनीशियाई मुस्लिम मौलवी को निष्कासित कर दिया है.” उन्होंने यह भी बताया कि फ्रांस में कट्टरता की कोई जगह नहीं है. डर्मैनिन ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि इमाम को कहां भेजा गया है.
« L’Imam » radical Mahjoub Mahjoubi vient d’être expulsé du territoire national, moins de 12h après son interpellation.
C’est la démonstration que la loi Immigration, sans laquelle une telle expulsion aussi rapide n’aurait pas été possible, rend la France plus forte. Nous ne…— Gérald DARMANIN (@GDarmanin) February 22, 2024
इमाम के बयान वाला वीडियो वायरल
इमाम का मस्जिद वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे झंडे को ‘शैतानी झंडा’ बताते दिख रहे हैं. वीडियो में वे कहते हैं कि अल्लाह के रास्ते के लिए ऐसे झंडों की कोई जगह नहीं है. उन्होंने आगे कहा, “अब हमारे पास ये सभी तिरंगे झंडे नहीं होंगे जो हमें परेशान करते हैं, जो हमें सिरदर्द देते हैं.” हालांकि इमाम ने यह साफ नहीं किया कि वे फ्रांसीसी झंडे की ही बात कर रहे हैं. बता दें फ्रांसीसी झंडे में भी तीन रंग नीला, लाल और सफेद शामिल हैं.
इमाम ने आरोप को बताया गलत
इमाम ने कट्टरता फैलाने वाले सभी आरोप को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि मैंने कोई भी गलत काम नहीं किया है. इमाम ने फ्रांसीसी मीडिया को बताया कि उनके बयान को गलत समझा जा रहा है, उनका उद्देश्य फ्रांसीसी झंडे का अपमान करने का नहीं था. इमाम के वकील ने निष्कासन कार्रवाई के खिलाफ अपील की है.
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