कनाडा के बाद अब खालिस्तानी अलगाववादी न्यूजीलैंड में भारत का विरोध कर रहे हैं. दरअसल, न्यूजीलैंड कनाडा के बाद अब खालिस्तानी अलगाववादियों का एक नया अड्डा बन गया है. 17 नवंबर को प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) की ओर से न्यूजीलैंड में जनमत संग्रह आयोजित किया गया. जनमत संग्रह के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने झंडे लहराए और भारत विरोधी नारे लगाए.
हालांकि न्यूजीलैंड के नागरिक इस तरह की गतिविधियों को अपने देश की शांति और सौहार्द के खिलाफ मान रहे हैं और विरोध जता रहे हैं. खालिस्तान के समर्थक एक तरफ जहां अपना एजेंडा चला रहे थे, वहीं दूसरी ओर न्यूजीलैंड के युवा द्वारा इसका विरोध किया. युवक का एक विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो माइक लेकर खालिस्तानियों के खिलाफ नारे लगा रहा है.
उसने खालिस्तानियों को देश छोड़ने की चुनौती दी. साथ ही कहा कि आप अगर आप ऐसा सोचते हैं कि यहां आकर आप अपना एजेंडा चलाएंगे, तो ऐसा नहीं होगा. भारत सरकार की इस हालात पर नजर है. विदेश मंत्री जयशंकर पहले ही न्यूजीलैंड के अपने समकक्ष विंस्टन पीटर्स से इस मुद्दे पर बात कर चुके हैं.
जयशंकर ने साफ कहा है कि किसी देश के लिए खालिस्तानियों को मंच प्रदान करना, उस देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है.
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