उत्तराखंड में CAA के अंतर्गत 153 शरणार्थियों को मिलेगी भारत की नागरिकता, गृहमंत्री अमित शाह 7 मार्च को करेंगे सम्मान

केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019 के अंतर्गत उत्तराखंड में निवास कर रहे 153 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलने जा रही है। भारत सरकार और राज्य सरकार के गृह विभाग ने विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद इन आवेदनों को मंजूरी दी है।
यह सभी लोग पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए थे और लंबे समय से नागरिकता की प्रतीक्षा कर रहे थे।
2019 में संसद से पारित हुआ था कानून
नागरिक संशोधन कानून 1955 में सुधार करते हुए 2019 में संसद ने यह अधिनियम पारित किया गया था। इस संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी भी प्राप्त हुई थी। उस समय संसद में विपक्ष के तीखे विरोध और हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कानून की आवश्यकता पर जोर दिया था।
इस अधिनियम के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया। ये वे लोग हैं जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न से परेशान होकर भारत आए थे।
उत्तराखंड में 153 आवेदनों को मंजूरी
राज्य के गृह विभाग द्वारा की गई गहन जांच के बाद पाकिस्तान से आए 147 और अफगानिस्तान से आए 6 लोगों सहित कुल 153 लोगों को भारतीय नागरिकता देने का निर्णय लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए कुल 189 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से 51 आवेदनों पर अभी विचार चल रहा है। अधिकतर आवेदक पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान क्षेत्र से संबंधित हैं।
इनमें से कई लोगों के परिजन पहले से देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में निवास करते हैं, जिसके चलते उन्हें इन क्षेत्रों में आश्रय मिला।
बताया गया है कि अखंड भारत के शक्तिपीठों में शामिल माता हिंगलाज मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार ने भी भारत में शरण ली थी, जिन्हें अब नागरिकता प्रदान की गई है।
अब तक करीब 400 लोगों को मिल चुकी नागरिकता
CAA लागू होने के बाद देशभर में अब तक लगभग 400 लोगों को भारतीय नागरिकता दी जा चुकी है। उत्तराखंड में हाल ही में स्वीकृत 153 आवेदनों के साथ यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
सीमा जागरण मंच की भूमिका
जानकारी के अनुसार, सीमा जागरण मंच ने इन शरणार्थियों तक पहुंचकर उनसे संवाद स्थापित किया, उनके आवेदन पत्र भरवाए और उन्हें गृह विभाग में दर्ज करवाने में सहयोग किया। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने सभी मामलों की जांच की।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा CAA में संशोधन कर शरण लिए हुए हिंदू परिवारों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से नागरिकता के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभ में विपक्ष द्वारा इस कानून को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
7 मार्च को हरिद्वार में होगा सम्मान समारोह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। हरिद्वार में आयोजित उनके कार्यक्रम के दौरान भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया जाएगा। इसके लिए पात्र नागरिकों से जनसंपर्क किया जा रहा है और कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।











