हरियाणा में सफाई कर्मियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य, CM नायब सैनी ने सफाई मशीनों पर कैमरे लगाने के दिए निर्देश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 मार्च 2026 को स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मानसून से पहले नालों की सफाई, जल निकासी, सफाई व्यवस्था और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी जल निकासी में समस्याएं हैं, उन स्थानों को चिन्हित कर वहां वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जाए। साथ ही सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू करने और वर्षा जल संरक्षण के लिए विकल्प तलाशने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में सीएम ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए RIFD तकनीक और जीपीएस आधारित कचरा संग्रहण प्रणालीका उपयोग करने के निर्देश दिए, जिससे सफाई कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता में बढोत्तरी होगी।
वहीं सीएम सैनी ने स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए कैमरे लगाने के निर्देश दिए। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए 4 कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे एजेंसी के कामों की निगरानी हो सकेगी। बैठक में बताया गया कि अगर सफाई के दौरान मशीन के नीचे लगा सेंस बंद पाया जाता है, तो एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं संबंधित एजंसियों को प्रत्येक महीने अपने बिल के साथ सफाई कार्य से संबंधित वीडियो फुटेज भी सब्मिट करनी होंगी। वहीं ₹1,250 प्रति घंटे के हिसाब से दंड का प्रावधान भी रखा गया है, इससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी।
सीएम नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश के सभी सफाई कर्मचारियों के लिए एक जैसा ड्रेस कोड लागू किया जाए। उन्होंने जूते और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसी बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि व्यवस्था इस स्तर की हो, जिससे आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक मुकुल कुमार भी मौजूद रहे।











