‘युवा विधायक सम्मेलन’ को CM मोहन यादव ने किया संबोधित, बोले- राजनीति में विनम्रता, अनुशासन और मर्यादा जरूरी

मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 मार्च 2026 को सहभागिता की। इस सम्मेलन तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़) के विधायकगण शामिल हुए। विधानसभा के परिषद हाल में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र छह) के अंतर्गत मध्य प्रदेश से 18, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से 22-15 विधायक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीनों राज्य के विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में विनम्रता, अनुशासन और मर्यादा आवश्यक है और जिनमें जनकल्याण की भावना हो, वही इस क्षेत्र सफल हो सकते हैं।
वहीं उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत महत्वकांक्षा से सियासत में आने वाले लोगों की वजह से लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्यनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है।
स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की अपील की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा विधायकों को अपने स्वास्थ्य की चिंता करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विधायक अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखकर ही जनता की सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह रोजाना दो घंटे व्यायाम करते हैं।
वहीं सीएम मोहन यादव ने सभी विधायकों से दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर विकास कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा से विपरित विचारों को सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का परिणाम है कि देश के स्वतंत्र होने के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। वहीं पड़ोसी देशों की स्थिति सबके सामने हैं।
मुख्यमंत्री ने परिवारवाद पर किया कटाक्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देशभर में परिवारवाद की राजनीति पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने विक्रमादित्य का उदाहरण देते हुए कहा कि विक्रमादित्य ने गणतंत्र की स्थापना की, इतना बड़ा साम्राज्य बनाया लेकिन अपने बच्चों को राजा नहीं बनाया। उन्होंने आगे कहा कि द्वारकाधीश के भगवान श्रीकृष्ण इतने सामर्थशाली थे, लेकिन उन्होंने भी अपने नाती-पोतों को कभी राजा नहीं बनाया। सीएम यादव ने कहा कि हमारे बच्चों में सामर्थ्य होगा तो वह खुद ही राजनीति में आएंगे लेकिन जबरदस्ती उनको राजनीति में लाने से कई बार राजनीति भी खराब हो जाती है।











