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दिल्ली में गौशालाएं अब बनेंगी आधुनिक, बायोगैस से पैदा होगी स्वच्छ ऊर्जा: CM रेखा गुप्ता की बड़ी पहल

Editor Ritam HindiEditor Ritam Hindi30 Mar 2026, 03:41 pm IST
दिल्ली में गौशालाएं अब बनेंगी आधुनिक, बायोगैस से पैदा होगी स्वच्छ ऊर्जा: CM रेखा गुप्ता की बड़ी पहल
दिल्ली में गौशालाओं के लीज एक्सटेंशन प्रमाणपत्र वितरित करतीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सेवा सदन में गौमाता की सेवा और उनके संरक्षण के संकल्प को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली की गौशालाओं को लीज एक्सटेंशन समझौते के प्रमाणपत्र प्रदान किए हैं। इतना ही नहीं बायोगैस प्लांट स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता भी दी गई है।

40 गौशालाओं को बनाया जाएगा आधुनिक

पहले चरण के अंतर्गत 10 आधुनिक गौशालाओं को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां बेसहारा गौ-माताओं की देखभाल, सेवा, सुरक्षा और पालन-पोषण किया जाएगा। वहीं भविष्य में तय योजना के तहत 40 गौशालाओं को इसी तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

गायों के गोबर से बायोगैस बनाने की तैयारी

इन गौशाला में गायों के गोबर से गोबर से बायोगैस बनाने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। सरकार इसके लिए आर्थिक सहायता भी दे रही है। रेखा सरकार का लक्ष्य है कि बायोगैस के रूप में ऊर्जा के नए विकल्प तैयार किए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सकें।

बजट में पशुओं के कल्याण और गौशाला के लिए सरकार ने दी थी राशि

सीएम रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पशु कल्याण को प्राथमिकता बताते हुए पशु चिकित्सालयों के निर्माण और उन्हें आधुनिक बनाने के लिए ₹62.6 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। वहीं उन्होंने पशु अस्पतालों में आधुनिक मशीनों, सर्जरी की सुविधाओं और बेहतर टीकाकरण व्यवस्था करने की घोषणा की थी। इसके अलावा रेखा सरकार ने दिल्ली में ‘श्वान गृह’ विकसित करने की बात कही थी, जहां आम लोग आवारा कुत्तों को खाना दे पाएंगे।

10 नई गौशालाएं होंगी स्थापित

सीएम रेखा गुप्ता ने बजट में सामुदायिक भागीदारी के अंतर्गत 10 नई गौशालाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने इसके लिए ₹14 करोड़ रुपये बजट भी दिया था। इसके साथ ही पहले से चल रही गौशालओं के पट्टों का नवीनीकरण भी किया गया, उनका लंबित बकाया भी सरकार की ओर से चुका दिया गया है।  इस पहल से पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और पशुओं की देखभाल से तीनों क्षेत्रों में अच्छे नतीजे मिलने की उम्मीद है।

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