CM मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को दिया तोहफा,1.25 करोड़ से ज्यादा बहनों के खातों में ट्रांसफर किए 1,836 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव लाड़ली बहना योजना के जरिए राज्य की महिलाओं के आर्थिक रुप से सशक्त कर रहे हैं। 13 मार्च 2026 को नवरात्रि से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में योजना की 34वीं किश्त जारी की। इस दौरान 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1,836 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। प्रत्येक लाभार्थी बहन को इस किश्त में 1500 रुपये की राशि प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि अंतरित की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन, कन्या पूजन और पुष्पवर्षा कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत से 54 विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। साथ ही हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र, स्व सहायता समूहों के चेक और मुद्रा योजना के चेक वितरित किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बता दें लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। फरवरी 2026 तक 33 किश्तों में कुल 54,140 करोड़ रुपये बहनों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। नवंबर 2025 से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि कर अब 1500 रुपये प्रतिमाह दी जा रही है। सीएम ने जोर दिया कि योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी। अब बहनों को कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज की प्रगति में योगदान दे सकें।
उन्होंने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। उन्होंने भविष्य में सहायता राशि को 3000 रुपये तक बढ़ाने की बात कही गई।
लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत की है और सामाजिक न्याय की दिशा में ठोस कदम साबित हुई है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह भी प्रशस्त कर रही है।











