CM रेखा गुप्ता ने 300 नई EV बसों को दिखाई हरी झंडी, दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 4300 पार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार प्रयास कर रही हैं। सरकार राजधानी की बस व्यवस्था को तेज गति के साथ इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 मार्च 2026 को रिंग रोड स्थित इंद्रप्रस्थ बस डिपो में 300 नई EV बसों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली की जनता को समर्पित किया। अब दिल्ली में बसों का कुल बेड़ा 6100 से ज्यादा हो गया है।
इस दौरान दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, जंगपुरा से विधायक तरविंदर सिंह मारवाह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान सीएम रेखा ने कहा कि पिछले एक वर्ष में 2 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बस दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में शामिल हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को शत प्रतिशत इमिशन-फ्री बनाने के लिए डीटीसी की पूरी फ्लीट को ईवी पर स्विच करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों वाला प्रदेश दिल्ली है। आज दिल्ली के पास 4338 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिससे दिल्लीवालों का सफर सुरक्षित, सुगम और इको-फ्रेंडली बन रहा है। रेखा सरकार का उद्देश्य वर्ष 2028-29 तक EV बसों की संख्या बढ़ाकर करीब 14,000 बसों तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के नानकसर से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद तक नई अंतरराज्यीय बस सेवा की शुरूआत भी की। फिलहाल 3 बसें इस 21 किलोमीटर लंबे रुट पर चलाई जाएंगी। इस रूट पर बस सेवा सुबह 7:15 बजे से रात 10:10 बजे तक संचालित होंगी। इनका अधिकतम किराया 53 रुपये होगा। ये रोजाना दोनों और से 12-12 चक्कर लगाएंगी।
साथ ही 150 करोड़ रुपये की लागत से 1800 वर्ग मीटर में बनने वाले डीटीसी के दो मंजिला नए कार्यालय भवन का भी शिलान्यास किया। इसमें अस्थायी तौर पर डीटीसी के वर्तमान मुख्यालय को स्थानांतरित किया जाएगा।
वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोत्साहन पोर्टल वर्ष 2023 से बंद पड़ा था। उसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोबारा शुरू किया। इतना ही नहीं इस पोर्टल के अंतर्गत 12 हजार 877 लाभार्थियों को 24 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी डॉयरेक्ट बैनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उनके बैंक अकाउंट में भेजी गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में दिल्ली की बस व्यवस्था में कई सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान डीटीसी की वित्तीय स्थिति काफी कमजोर थी। डीटीसी घाटे में थी। संसाधनों को सही और उचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। लेकिन भाजपा सरकार ने इन कमियों को दूर कर अधिकारियों की जवाबदेही और डीटीसी में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा कि बस डिपो का आधुनिकीकरण, ISBT का पुनर्विकास, DTC कार्यालय के निर्माण और आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) की स्थापना और प्रदूषण जांच प्रणाली (PUCC) को सशक्त करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।











