9वीं की छात्राओं को फ्री साइकिल, 10वीं स्टूडेंट्स को लैपटॉप, दिल्ली के बजट में CM रेखा गुप्ता ने की कई बड़ी घोषणाएं

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को विधानसभा में अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया। यह बजट कुल 1,03,700 करोड़ रुपये का है। सीएम रेखा गुप्ता ने इसे ग्रीन बजट कहा क्योंकि इसमें पर्यावरण संरक्षण को बहुत महत्व दिया गया है। कुल खर्च का 21% हिस्सा पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं के लिए रखा गया है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण को मुख्य प्राथमिकता दी गई है।
शिक्षा- इस बजट में शिक्षा को सबसे ज्यादा राशि दी गई है। शिक्षा विभाग के लिए 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाया जाएगा। 9वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिल दी जाएगी, जिससे वे स्कूल आसानी से पहुंच सकें। 10वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। इसके अलावा 8,777 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने के लिए 150 करोड़ रुपये रखे गए हैं। स्कूलों के निर्माण और सुधार के लिए भी 470 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य है कि छात्र अच्छी शिक्षा पाएं और उनका भविष्य उज्ज्वल बने।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 12,645 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार 650 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने जा रही है। पहले से 370 ऐसे केंद्र चल रहे हैं। अस्पतालों के निर्माण को पूरा करने के लिए 515 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
फायर विभाग को 674 करोड़ रुपये मिलेंगे ताकि आग की घटनाओं में तेज मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। हर दिल्लीवासी को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिले, यह बजट का उद्देश्य है।
पर्यावरण- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए 1,392 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये हैं। ड्रेन के ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
यमुना सफाई और जलभराव- यमुना के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये हैं। जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नया ड्रेनेज मास्टर प्लान बनेगा, इसके लिए 610 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यमुना पार (पूर्वी दिल्ली) के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इन सब से दिल्ली साफ-सुथरी और हरी-भरी बनेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर – बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) को 5,921 करोड़ रुपये मिलेंगे। सड़क नेटवर्क सुधारने के लिए 1,392 करोड़ रुपये हैं। बारापुला कॉरिडोर के लिए 210 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। शहरी विकास के लिए 7,887 करोड़ रुपये हैं। अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को 787 करोड़ रुपये मिलेंगे। फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये हैं। कुल मिलाकर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च पिछले साल से काफी बढ़ा है।
साफ-सफाई- दिल्ली नगर निगम (MCD) को पहली बार 11,666 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे सड़कें, सफाई और अन्य काम बेहतर होंगे। MCD को सड़कों के विकास के लिए अलग से 1,000 करोड़ रुपये भी मिलेंगे। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे पानी की पाइप लाइनें बिछेंगी, सीवर का काम होगा और घरों तक साफ पानी पहुंचेगा।
बिजली- सरकार का दावा है कि 93.5 प्रतिशत घरों तक पाइप्ड पानी पहुंच रहा है। बिजली और परिवहन क्षेत्र में भी बड़ी योजनाएं हैं। 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना जारी रहेगी। इसके लिए 3,942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दिल्लीवासियों को 24 घंटे बिजली मिलती रहेगी।
परिवहन व्यवस्था- परिवहन के लिए 8,374 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें मेट्रो परियोजनाओं के लिए 2,885 करोड़ रुपये और नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ रुपये हैं। 5,800 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी, कुल बसें 7,500 तक पहुंच जाएंगी।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना जारी रहेगी, इसके लिए 450 करोड़ रुपये हैं। पारदर्शिता के लिए पिंक सहेली कार्ड लाया गया है। ट्रांसजेंडर समुदाय की महिलाओं को भी इस योजना का फायदा मिलेगा।
महिला समृद्धि योजना- महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महिला समृद्धि योजना चलाई जा रही है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। झुग्गी बस्तियों और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
मुफ्त गैस सिलेंडर- होली और दीवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने के लिए 260 करोड़ रुपये का बजट है। इन योजनाओं से गरीब परिवारों को राहत मिलेगी।बजट में कई अन्य महत्वपूर्ण बातें भी हैं। विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए 350 करोड़ रुपये मिलेंगे। दमकल विभाग को मजबूत बनाया जाएगा। नई पार्किंग, मंडियों का विकास और नए सचिवालय जैसी योजनाएं भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट विकास, जनकल्याण और पर्यावरण का संतुलन बनाता है। ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय) की मदद से दिल्ली तेजी से आगे बढ़ेगी। पुरानी फ्रीबी कल्चर की वजह से विकास रुक गया था, अब सही दिशा में काम हो रहा है। बजट में रेवेन्यू सरप्लस बनाए रखा गया है और वित्तीय घाटा GSDP के 3 प्रतिशत के अंदर है।











