Explainer: पहलगाम के बाद बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश, क्या है पाकिस्तान की मंशा? 2.5 मोर्चों पर भारत कितना तैयार

कई दशकों से भारत की महान धरती आतंकवाद का दंश झेल रही है। भारत के सीने को बार- बार जिहादी ताकतों ने छलनी करने की कोशिश की। सुरक्षाबलों ने इसका मुंहतोड़ जवाब भी दिया, पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के अड्डे भी तबाह किए। बावजूद इसके पाकिस्तान अपने आतंकी मंसूबों से बाज नहीं आ रहा है। हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में यह सामने आया कि न केवल स्लीपर सेल बल्कि आंतकी नेटवर्क अब वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के रुप में भी सक्रिय हैं। पढ़े- लिखे जिहादी डॉक्टर्स और इंजीनियर, खुद आम लोगों के बीच में छिपकर इस्लामी आतंकवाद की बड़ी साजिश रच रहे है और एक बड़े खतरे के रूप में सामने आए हैं। ऐसे जिहादी ताकतों से बचने के लिए ब्रेनवॉशिंग और रेडिकलाइजेशन की जड़ को समझना और उसका सही से इलाज करना जरूरी है।
क्या है खतरा?
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और ISI ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी को बेस बनाकर दर्जन से ज्यादा शिक्षित पेशेवरों (डॉक्टर-इंजीनियर) का हाई-प्रोफाइल मॉड्यूल तैयार किया। जिन्होंने 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट जमा कर 200 IED तैयार करने का प्लान बनाया था। इस कार्रवाई में 2900 किलो विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट), AK-47, IED कंपोनेंट्स, ड्रोन मॉडिफिकेशन किट और हथियार जब्त किए गए थे। दिल्ली-NCR में 26/11 मुंबई जैसे सीरियल ब्लास्ट, हमास जैसे ड्रोन-रॉकेट हमले और 32 कार-बमों की साजिश थी। 10 नवंबर को लाल किले के पास एक सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर ने कार उड़ा कर 15 लोगों की जान ले ली। जांच एजेंसी NIA-ED ने डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया। पहली बार भारत में महिलाओं का पूरा प्रोफेशनल टेरर नेटवर्क बनाने की कोशिश भी खुल कर सामने आई।
इसके अलावा, 20 नवंबर को पंजाब पुलिस ने लुधियाना में ISI संचालित गैंगस्टर्स का संयुक्त मॉड्यूल पकड़ा। पांच आतंकी गिरफ्तार हुए, चाइनीज हैंड ग्रेनेड और पिस्टल बरामद हुए। मलेशिया से वर्चुअल नंबरों पर ISI हैंडलर निर्देश दे रहा था और पंजाब में सरकारी इमारतों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ग्रेनेड अटैक का प्लान था।
नवंबर में ही गुजरात ATS ने अहमदाबाद-हैदराबाद में ISIS-खोरासान का राइसिन मॉड्यूल पकड़ा है। ये लोग दुनिया के सबसे खतरनाक जैविक हथियार राइसिन से मास अटैक करने वाले थे और RSS कार्यालय और भीड़ भाड़ वाली जगह पर हमला करने का प्लान कर रहे थे। तीन लोग गिरफ्तार हुए, ग्लॉक पिस्टल और राइसिन बनाने की सामग्री बरामद हुई।
इससे पहले, अक्टूबर में दिल्ली में एक छोटा IED मॉड्यूल और मार्च में कर्नाटक के शिवमोगा में पुराना ISIS मॉड्यूल पूरी तरह एक्सपोज हुआ।
इसके अलावा सितंबर में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पैन-इंडिया ISIS मॉड्यूल बस्ट किया, जो दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में एक साथ ब्लास्ट करने वाला था। धार्मिक स्थलों और राइट-विंग नेताओं को टारगेट करने की साजिश थी। हवाला और क्रिप्टोकरेंसी से फंडिंग हो रही थी, 80 से ज्यादा युवाओं को ऑनलाइन रेडिकलाइज किया गया था। कुल मिलाकर 2025 में 4 दर्जन से ज्यादा आतंकी पकड़े गए है, हजारों किलो विस्फोटक और हथियार बरामद हुए है।
पाकिस्तान की है आतंक फैलाने की साजिश, स्माल-स्केल वॉर की है मंशा
जांच में कई बार सामने आया है कि इन सब हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे इनके आका रच रहे थे। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में पकड़ी गई डॉ शाहीन जैश की महिला इकाई (जमात-उल-मोमिनात) का हिस्सा थी, और उसे भारत में संगठन खड़ा करने का जिम्मा सौंपा गया था।
इसके साथ ही, हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक ने भारत में आतंकी हमलों की बात कबूली है। हक ने एक बयान में माना कि पाकिस्तान के शाहीनों (आतंकियों) ने लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक भारत को निशाना बनाया है। जिसके बाद यह बात साफ हो गई कि भारत में इन नापाक हरकतों के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ है।
सुरक्षा जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान की मिलिट्री, ISI और जिहादी इस्टैब्लिशमेंट की मंशा एक और स्माल स्केल वॉर छेड़ने की है जिससे वो अपनी आवाम का ध्यान बढ़ती महंगाई, प्रचंड बेरोजगारी, कमजोर होती अर्थव्यवस्था से भटका सकें और साथ ही अपनी खोई साख वापिस पा सकें | पाकिस्तान की आर्मी इस समय देश के अंदर ही गृह युद्ध जैसी परिस्थिति में फंसी हुई है। वहां के एक पॉपुलर पार्टी के नेता (इमरान खान) को जेल में बंद रखने के बाद भी आर्मी पीटीआई के प्रदर्शनों को खत्म नहीं कर पा रही है, न ही उनसे पूरी तरह से पार पा रही है। बलोचिस्तान में आजादी की जंग तेज है तो खैबर पख्तूनख्वा के सीएम ने हाल ही में पाकिस्तान की आतंकी नीति की पोल खोली थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की आर्मी खुद देश में लोगों को मारने का काम करती है और आतंकी हमले करवाती है | ऐसे में वहां की सरकार, पाकिस्तान की आवाम को एक बाहरी खतरे का डर दिखा कर, जंग की आग में झोकने के लिए भारत के खिलाफ बयान बाजी और नफरत भड़काने में लगी हुई है |
2.5 फ्रंट वॉर: पाकिस्तान ही नहीं, दूसरे दुश्मन भी रच रहे हैं बड़ा खेल और वह भी एक साथ; कितना तैयार है देश
गौरतलब है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ पूर्व CDS बिपिन रावत ने कई बार चेताया कि भारत को अपनी सामरिक युद्ध रणनीति में हमेशा 2.5 फ्रंट वॉर की तैयारी रखनी चाहिए |
2.5 फ्रंट वॉर की बात करें तो भारत की रक्षा रणनीति में “ढाई मोर्चों का युद्ध” (2.5 Front War) एक अहम अवधारणा है, जिसमें एक साथ दो बड़े बाहरी दुश्मनों पाकिस्तान और चीन से पूर्ण युद्ध की स्थिति और तीसरा आधा मोर्चा आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और देश और बहार से चलने वाला झूठे नैरेटिव का है। पाकिस्तान के साथ पश्चिमी सीमा पर लगातार तनाव और चीन के साथ LAC पर बढ़ते दबाव के कारण भारतीय सेना को दोनों मोर्चों पर भारी तैनाती रखनी पड़ती है, जबकि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी हिंसा और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अलगाववादी गतिविधियां लगातार सैन्य बल और संसाधनों को खींचती रहती हैं। इसीलिए थलसेना प्रमुख से लेकर रक्षा मंत्री तक बार-बार कहते हैं कि हमें “ढाई मोर्चों” के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा, ताकि दो देशों के साथ युद्ध की स्थिति में भी आंतरिक सुरक्षा कमजोर न पड़े।
पाकिस्तान के अलावा दूसरी चुनौती चीन से है। चीन के साथ सीमा विवाद दशकों से चला आ रहा है। गलवाम घाटी में झड़प भी दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बनी, लेकिन पिछले दिनों दोनों देशों के राष्ट्रध्यक्षों की मुलाकात के बाद बातचीत का रास्ता फिर से खुला है और भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर साकारात्मक बातचीत शुरु हुई है।
आंतरिक चिंता की बात की जाएं तो भारत की इनटर्नल सिक्योरिटी में नक्सलवाद एक अहम मुद्दा है | लेकिन अब नक्सलवाद तेज गति से समाप्ति की ओर है। केंद्र सरकार की डेडलाइन के अनुसार, मार्च 2026 तक भारत आतंकवाद से मुक्त हो जाएगा। बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़ मुख्य धारा में वापस आ रहे हैं।
इसके अलावा जिस तरीके से पिछले दिनों टेरर मॉड्यूल देशभर में पकड़े गए है, सिलिपर सेल भी एक चुनौती बनकर सामने आई है। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही है। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल ऐसे सभी संदिग्धों के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। पंजाब और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अलगाववादी भी देश की सुरक्षा में रोड़ा अटकाए हुए है। हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियां और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इन सभी के खिलाफ सख्ती से एक्शन मोड़ में है और कई मॉडल हाल ही में बस्ट भी किये गए है।
नैरेटिव वॉर
एक बड़ा दुश्मन जो सामने उभर कर आया है वो है नैरेटिव वॉर का। पाकिस्तान की ISI ही नहीं, अमेरिका की डीप स्टेट, चीन के वुल्फ वारियर्स, विदेशी मीडिया और सोरोस जैसे भारत विरोधी billionaires और उनके द्वारा भारत में फंडेड NGOs यंहा तक की कुछ राजनीतिक हस्तियां भी देश को कमजोर करने वाले एजेंडा पर काम करती हुई नैरेटिव वॉर में एक बड़े चैलेंज की तरह सामने आए है । इसका बड़ा उद्धरण है कि चीन की मीडिया हो या US की, यहां दोनों एक दूसरे के खिलाफ काम करते नज़र आते है, भारत को महाशक्ति बनता देखने की बात पर दोनों एक साथ दिखते है | हाल ही में अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया कि मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने भारत पर सैन्य जीत हासिल की।
इस अमेरिकी रिपोर्ट में पहलगाम हमले को आतंकी नहीं बल्कि ‘विद्रोही हमला’ बताया गया। कहा कि पाकिस्तान ने कम से कम 6 भारतीय विमान (राफेल सहित) गिराए, और चीन ने अपने हथियारों (J-10, PL-15, HQ-9) की लाइव टेस्टिंग कर मार्केटिंग की। अमेरिकी रिपोर्ट से साफ है कि युद्ध के साथ-साथ नैरेटिव वॉर में भी भारत को सिर्फ पाकिस्तान से नहीं, बल्कि 2.5 मोर्चों से हो रहे एकसाथ उकसावे का और ज्यादा मजबूती से मुकाबला करना होगा।











