वैश्विक आतंक का केंद्र इस्लामाबाद: भारत, ऑस्ट्रेलिया से लेकर यूरोप तक हर हमले की कड़ी पाकिस्तान से जुड़ी

14 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदी त्योहार हनुका मनाते लोगों पर आतंकियों ने हमला किया। इस हमले में 16 निर्दोष लोग मारे गए। पुलिस कार्रवाई में साजिद अकरम मारा गया, जबकि उसका बेटा नावीद अकरम गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में घूमने गए लोगों से धर्म पूछकर आतंकियों ने उनपर गोली चलाई। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या हुई थी। हमले की जांच में सामने आया कि हमलावर पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ऑफशूट द रेसिस्टेंस फ्रंट से जुड़े थे और कम से कम दो पाकिस्तानी नागरिक थे। भारत हमेशा से कहता आया है कि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता है और दुनिया के लिए खतरा बन चुका है। भारत में कई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता पाकिस्तान से जुड़े मिलते हैं। दुनिया भर में कई आतंकी हमलों के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। आइए आपको कुछ उदाहरण बताते हैं:
1993 न्यूयॉर्क वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बम विस्फोट: अमेरिका में ट्रक बम से 6 लोग मारे गए और 1000 घायल हुए; पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी गुलेुद्दीन हेकमतयार से जुड़े थे।
2008 काबुल भारतीय दूतावास हमला (अफगानिस्तान): हक्कानी नेटवर्क ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से बम विस्फोट किया, 58 मारे गए।
2020 पेरिस हमला (फ्रांस): मुख्य हमलावर जहीर हसन महमूद एक पाकिस्तानी नागरिक था; जांच में पाकिस्तान के चरमपंथी नेटवर्क से उसके संबंध सामने आए (यह चाकू हमला था, जिसमें दो घायल हुए)।
2010 बर्मिंघम बम षड्यंत्र (ब्रिटेन): पाकिस्तानी मूल के कई संदिग्ध बर्मिंघम के प्रमुख स्थानों को निशाना बनाकर बम विस्फोट करने की योजना में शामिल थे (यह एक थ्वार्तित प्लॉट था)।
11 सितंबर 2001 अमेरिका हमला: अल-कायदा ने अंजाम दिया, 3000 मारे गए; ओसामा बिन लादेन को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में मारा गया।
आइए अब भारत में हुए कुछ आतंकी हमलों के बारे में बताते हैं, जो भी पाकिस्तान की आतंकवाद की स्टेट पॉलिसी को बेनकाव करता है –
2001 भारतीय संसद हमला: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया, 9 मौतें। 2001 जम्मू-कश्मीर विधानसभा हमला: जैश-ए-मोहम्मद ने की सुसाइड बॉम्बिंग, 30 से ज्यादा मौतें। 2005 दिल्ली बम धमाके: लश्कर-ए-तैयबा से तार जुड़े, बाजारों में विस्फोट। 2006 मुंबई ट्रेन बम धमाके: लश्कर-ए-तैयबा से तार जुड़े, 209 मौतें। 2008 मुंबई हमले (26/11): लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया, 166 मौतें (विदेशी नागरिक सहित)। 2016 पठानकोट एयरबेस हमला: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा। 2016 उरी हमला: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा, 19 सैनिक शहीद। 2025: 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास कार विस्फोट हुआ। इस हमले में 13-15 लोगों की जान गई। इस आतंकवादी हमले के तार भी पाकिस्तान से जुड़ते है, जिसमे जैश की महिला आतंकी समूह भी शामिल है।
ये सभी हमले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद का प्रमुख अड्डा है।











