आज की बड़ी खबरें: दिल्ली पुलिस ने किया इंटरनेशनल आर्म्स रैकेट का भंडाफोड़, अल्मोड़ा में मिली 161 जैलेटिन रॉड

UP: योगी सरकार का बड़ा एक्शन, घुसपैठियों के निर्वासन के लिए अस्थायी केंद्र स्थापित करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधारियों को घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने के निर्देश दे दिए हैं। सरकार की तरफ से हाल ही में निर्देश दिए गए कि घुसपैठियों की पहचान करने और उनके निर्वासन के लिए अस्थायी हिरासत केंद्र स्थापित करने का आदेश दिया है। पिछले समय में राज्य से बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों की पहचान हुई है जो अवैध तरीके से भारत में एंट्री लेकर फर्जी तरीके से दस्तावेज बनवाकर रह रहे थे। इसे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के रुप में देखा जा रहा है।
दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, इंटरनेशनल आर्म्स रैकेट का भंडाफोड़, पाकिस्तान से भेजे गए हथियारों समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में पाकिस्तान ISI से जुड़े बड़े इंटरनेशनल हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पाकिस्तान से भेजे गए हथियारों के बरामद हुए हैं, जिन्हों ड्रोन से भारत के पंजाब में भेजा गया है। इसके साथ ही कुख्यात गैंगस्टर को हथियार सप्लाई कराने वाले 4 आरोपी भी गिरफ्तार हुए हैं। क्राइम ब्रांच की जांच में पता लगा कि ये हथियार लॉरेंश विश्नोई, बम्बिहा, हिमाशु भाऊ गैंग को सप्लाई होने थे। पुलिस की मानें तो यह गिरोह पाकिस्तान के रास्ते से तुर्की और चीन में बने हाई एंड पिस्टल भारत में भिन्न जगहों पर सप्लाई कर रहा था। आरोपियों के पास 10 महंगी विदेशी पिस्टल, 92 कारतूस बरामद हुए हैं।
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में स्कूल के पास जंगलों में मिली संदिग्ध 161 जैलेटिन रॉड, बम डिस्पोजल टीम और पुलिस ने की जांच शुरू
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के सल्ट इलाके से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। इलाके के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पास के जंगलों से 161 जैलेटिन की रॉड बरामद हुई है। खेलते समय बच्चों को जंगलों में कुछ संदिग्ध चीजें दिखाई दी, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र को सीलबंद कर दिया गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ Indian Explosive Act के तहत मामला दर्ज किया है।
आपको बता दें कि जैलेटिन रॉड का प्रयोग आमतौर पर सड़क निर्माण कार्यों और पत्थरों को तोड़ने के लिए किया जाता है। फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि इतनी भारी मात्रा में रॉड को वहां कौन और किस कारण से लाया था। दिल्ली में लाल किले के पास हुए बम धमाके के बाद से उत्तरखंड भी हाई अलर्ट पर है, जांच ऐजेंसियां हर संदिग्ध वस्तु और व्यक्ति की तलाशी और जांच कर रही हैं।
MP: मस्जिद की खुदाई में धरती चीरकर निकली भगवान राम और माता जानकी की मूर्ति, पूजा करने पहुंचे गांववाले, जांच में जुटा पुरातत्व विभाग
मध्य प्रदेश के सागर जिले के पापेड़ गांव में मस्जिद की चारदीवारी की खुदाई के बीच मजदूरों को जमीन से भगवान राम और माता सीता की मूर्तियां मिली हैं। गांव में इस खबर के फैलने से की ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मूर्तियों की परंपरागत पूजा-अर्चना की है, साथ ही मंदिर बनवाने की मांग की है। इसके बाद दोनों समूहों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। हालात को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को बीच बचाव में पहुंच कर निर्माण कार्य रुकवाना पड़ा। इसके बाद प्रशासन की तरफ से मूर्तियों की जांच के लिए पुरातत्व विभाग को बुलाया गया है। बता दें कि इनमें से कई मूर्तियां खंडित भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है। हिंदू संगठनों का दावा है कि पहले इस भूमि पर मंदिर था, जिसे तोड़कर बाद में मस्जिद बनाई गई। बंडा एसडीएम नवीन ठाकुर ने जांच पूरी होने तक किसी भी निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
भारत में लागू हुए 4 लेबर कोड: अब समय पर सैलरी, सोशल सिक्योरिटी, न्यूनतम वेतन और अपॉइंटमेंट जैसे मुद्दों पर मिलेगी पक्की गारंटी
भारत की केंद्र सरकार ने 21 नवंबर, 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नए चार श्रम कानूनों को देशभर में लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद से पुराने, जटिल और बिखरे हुए नियम व्यवस्थित होंगे साथ ही नौकरी शुरु करते समय टाइम पर सैलरी, नियुक्ति पत्र, सोशल सिक्योरिटी देना अनिवार्य होगा। सरकार के मुताबिक नई नियमों का उद्देश्य एक सुदृढ मजबूत ढांचा तैयार करना है जोकि न केवल श्रमिकों की सुरक्षा को बढ़ाए बल्कि उद्योगों में भी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दें। लेबर मिनिस्ट्री के मुताबिक नियुक्ति पत्र अनिवार्य, न्यूनतम वेतन, समय पर वेतन, स्वास्थ्य और सुरक्षा और महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य, अनौपचारिक श्रमिकों की सुरक्षा, लाइसेंसिंग व रजिस्ट्रेशन आदि को अनिवार्य कर दिया है।
मंत्रालय के मुताबिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में कार्यबल तकरीबन 19 प्रतिशत थी, जो कि साल 2025 में बढ़कर 64 प्रतिशत तक हो गई है। आगे आने वाले समय में इसमें और सुधार हो सकता है।
दिल्ली कार धमाके बाद एक्शन में UP सरकार, मदरसों में बाहरी मौलानाओं और छात्रों की जानकारी ATS को देना होगा जरूरी
दिल्ली में लाल किले के बास हुए धमाके के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों की निगरानी के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इसके बाद अब सभी मदरसों में बाहर से आने वाले कर्मचारियों मौलानाओं, छात्रों का पूरा विवरण ATS (Anti-Terrorism Squad) को अनिवार्य रूप से देना होगा। 15 नवंबर को एक पत्र जारी करते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को मदरसों का विवरण उपलब्ध करवाने के लिए कहा था। मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार के मुताबिक यह केवल सर्वे या साधारण जानकारी पाने का प्रक्रिया भर नहीं है, बल्कि व्यापक सुरक्षा ऑडिट भी है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि मदरसे या अन्य मजहबी संस्थान में कोई संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं चला रहा है। हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद इसे सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Fact Check: रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जरनल केजेएस ढिल्लों की AI से एडिट वीडियो पाकिस्तान कर रहा है वायरल, PIB ने तेजस के खिलाफ हो रही साजिश का किया पर्दाफाश
भारत की लाख कोशिशों के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, भारत की छवि खराब करने के लिए अब वो AI से बनी फेक प्रोपेगैंडा वीडियो की मदद ले रहा है। हाल ही में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जरनल केजेएस ढिल्लों का डिजिटली संशोधित वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें वो प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते दिख रहे हैं। हालांकि पीआईबी फैक्ट चेक सारी सच्चाई निकलकर सामने आ गई है।
दावा – अविश्वास और विभाजन फैलाने की मंशा से तैयार किए गए इस एआई द्वारा निर्मित वीडियो में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केजेएस ढिल्लों दुबई में क्रैश हुए फाइटर जैट तेजस का जिम्मेदार पीएम मोदी को ठहरा रहे हैं। साथ ही तेजस में पेट्रोल लीक जैसी झूठी बात कर रहे हैं। साथ ही दावा किया गया कि जरनल वीके सिंह के इस शो में पीएम मोदी की आलोचना की थी।
फेक्ट चेक में दावे की सच्चाई – PIBFactCheck में इस झूठ के पुलिंदे की सारी परतें खुल गई है। लेफ्टिनेंट जरनल केजेएस ढिल्लों ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। असली वीडियो में वो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और सशस्त्र बलों की जाबाजी की तारीफ कर रहे हैं। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए बता रहे हैं कि किस तरह से 4 दिन के भीतर ही भारत एक परमाणु संपन्न देश को घुटनों पर ले आया था।
Uttarakhand: बांग्लादेशी ममून हसन ने रीना से शादी कर बदली थी पहचान, ऑपरेशन कालनेमि के तहत हुआ बड़ा खुलासा
उत्तराखंड के देहरादून से ऑपरेशन कालनेमि के तहत एक बांग्लादेशी नागरिक ममून हसन (28) का मामला सामने आया है। ये व्यक्ति रीना चौहान नामक महिला के साथ फर्जी दस्तावेज बनाकर किराये पर रह रहा था। पुलिस ने दोनों दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद जांच में सामने आया कि दोनों के 11 महीने का एक बच्चा भी है। जांच में सामने आया कि दोनों की मुलाकात 2019 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरीए हुई थी, इसके बाद रीना ने अपने पहले पति को बिना तलाक दिए छोड़ दिया। ममून हसन 2019, 2020 और 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया। दोनों ने बांग्लादेश जाकर निकाह किया और अवैध तरीके से सीमा लांघकर भारत में एंट्री ली। रीना ने अपने पहले पति के नाम पर ममून को सचिन बनाकर इसके फेक आधार कार्ड, पास्पोर्ट और अन्य दस्तावेज बनवाए। फिलहाल इंटेलिजेंस जांच में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर करते थे ठगी
उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-4 से नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस दौरान की गई छापेमारी में पुसिल ने दोनों सरगनाओं को भी दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 150 से ज्यादा लोगों के साथ फर्जीवाड़ा और ठगी की बात स्वीकार की है। डीसीपी यमुना प्रसाद के मुताबिक इस फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया था, ये ऑफिस 4 मंजिला मकान के सेकंड फ्लोर पर चल रहा था। मौके से मेरठ निवासी अनुज कुमार और शामली निवासी रोमेश मलिक को गिरफ्तार किया गया है। ये करीब एक दशक से दक्षिण भारतीय लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनसे ठगी कर रहे थे। वहां काम करने वाली 4 युवतियों को इस बारे में सूचना नहीं थी, इसलिए उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया। पुलिस ने मौके से 11 कीपैड फॉन, एक स्मार्ट फोन, सात मुहरें, 4 फर्जी ऑफर लेटर, 4 कंप्यूटर और 34 स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।
फर्जी पासपोर्ट बनाकर रह रहा था अफगान नागरिक आमिर खान, पुलिस जांच में पकड़ा गया
गुजरात के सूरत से अपराध शाखा (DCB) ने हाल ही में नकली पासपोर्ट बनवाकर अवैध तरीके से भारत में रह रहे अफगान नागरिक आमिर जाविद (42) खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आमिर खान ने महाराष्ट्र के जालना नगर निगम से जारी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। आरोपी के पास से दूसरे सरकारी डॉक्यूमेंट जैसे फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां आमिर के राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता की जांच कर रही हैं। गुजरात डीसीपी भावेश रोजिया के मुताबिक गुजरात में दिल्ली बम धमाके के बाद तेजी से जांच की जा रही हैं, ऐसे में 100 घंटे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के नाम से संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों का तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
मिजोरम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, करोड़ों की मेथ और हेरोइन की जब्त, तस्करों को किया गिरफ्तार
मिजोरम के आईजोल में सुरक्षबलों को बड़ी सफलता मिली है। हाल ही में बॉर्डर सिक्योरिटी फॉर्स (BSF) और एक्साइज एवं नार्कोटिक्स विभाग ने गोपनीय सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान में 5.89 किलो मेथाम्फेटामाइन तथा 41 ग्राम हेरोईन बरामद की है। इस पूरे पृदार्थ की अनुमानित कीमत 4.79 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जिन ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें से दो म्यांमार के नागरिक हैं। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले के बाद से सीमावर्ती इलाकों में इस तरह के अभियानों को और तेज किया जा सकता है।
गिग वर्कर्स के लिए खुशखबरी: अब स्विगी, अर्बन, उबर जैसी अन्य एग्रीगेटर कंपनियों को एनुअल टर्नओवर से देना होगा 1-2% का योगदान
भारतीय संसद द्वारा पारित 4 श्रम संहिताओं को देशभर में लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अब एग्रीगेटर कंपनियों को अपने वार्षिक टर्नओवर से 1-2 प्रतिशत तक गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के कल्याण के लिए खर्च करना होगा। ये भुगतान की गई या देय राशि के 5 % तक सीमित रहेगा।
बता दें कि यह पहली बार है जब गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर और एग्रीगेटर शब्दों को भारतीय कानून में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। सरकार की तरफ से अब गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को आधार से जुड़ा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी किया जाएगा। इससे इन वर्कर्स से जुड़े कल्याणकारी लाभ पूरी तरीके से पोर्टेबल और राज्यों में सुलभ हो जाएंगे। चाहे कभी भी कहीं भी प्रवास ही क्यों न कर रहे हों।
मुर्शिदाबाद में फर्जी वोटरों का आरोप: BJP नेता ने किया बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा हिंदुओं के नामों के इस्तेमाल करना का दावा
मुर्शिदाबाद में भारी संख्या में फर्जी वोटरों की मौजूदगी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के पहचान बदलने का आरोप लगाया है। भाजपा के पूर्व संगठनात्मक जिला अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के निरीक्षणकारी अधिकारियों के हाथ में उन्होंने जो सूची सौंपी है, उसमें दावा किया गया है कि जिले में लगभग २ लाख से भी ज्यादा वोटर मृत, डुप्लिकेट या विदेशी नागरिक हो सकते हैं। ममता सरकार पर आरोप है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मुस्लिम वोटर पश्चिम बंगाल में स्थायी होने के बाद अपने नाम या उपनाम बदलकर मंडल, चौधरी, सरकार, सरदार सहित विभिन्न हिंदू सरनेम का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि पहचान जांच के समय कोई शक न पैदा हो और भविष्य में नागरिकता का लाभ ले सकें।
उन्होंने आगे दावा किया है कि कुछ मामलों में ससुर को पिता दिखाना, एक पिता के नाम पर एकाधिक वोटर बनाना, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर कार्ड जारी करना—ये सारी अनियमितताएं लंबे समय से चल रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में जाली आधार–वोटर कार्ड इस्तेमाल करने वाले बांग्लादेशियों की हाकिमपुर चेकपोस्ट पर पहचान होने की घटनाएं भी उनकी सूची में उल्लेखित हैं। प्रशासन पहले इस तरह के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेता था, लेकिन वर्तमान में SIR चलने के कारण इस मामले को और गंभीरता से देखा जा रहा है। BJP का दावा है कि इस समस्या का राजनीतिक प्रभाव बहुत बड़ा है, लेकिन अंतिम जांच अब चुनाव आयोग पर निर्भर है।











