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Opinion: ऑपरेशन सिंदूर- बदला हुआ भारत, बदला लेना जानता है

Editor Ritam HindiEditor Ritam Hindi08 May 2025, 01:04 pm IST
Opinion: ऑपरेशन सिंदूर- बदला हुआ भारत, बदला लेना जानता है
Operation Sindoor

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक पखवाड़े बाद भारत ने इसका जवाब उपयुक्त और निर्णायक ढंग से दिया है. 6/7 मई की मध्यरात्रि भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर यानी पीओजेके में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की. इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की खबरें आ रही हैं.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से आतंकियों पर प्रहार

भारत ने इस जवाबी कार्रवाई को नाम दिया- ‘ऑपरेशन सिंदूर’. ये नाम उन महिलाओं को समर्पित है, जिनके पतियों की पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर हत्या कर दी थी. इस सैन्य कार्रवाई को केवल रणनीतिक पलटवार नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस स्पष्ट संकल्प की पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है, जो उन्होंने हमले के दो दिन बाद बिहार के मधुबनी से दिया था.

आतंकियों को PM मोदी ने दी थी चेतावनी

24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के मौके पर मधुबनी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले पर गहरा शोक प्रकट किया और देशवासियों से दो मिनट का मौन रखवाया. इसके बाद उन्होंने एक कड़े और प्रतिज्ञाबद्ध स्वर में कहा था- “मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सज़ा मिलेगी.” प्रधानमंत्री का दिया गया बयान अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में धरातल पर उतर चुका है, जिसमें आतंकी नेटवर्क की जड़ें हिलाकर रख दी गई हैं. ऑपरेशन सिंदूर के लिए जिन आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाया गया है, उनमें से चार पाकिस्तान और पांच पीओके में हैं.

पाकिस्तान में आतंक की फैक्ट्री

पहलगाम में आतंकी हमला कोई पहली घटना नहीं था जिसको पाक का समर्थन प्राप्त था. दशकों से पाकिस्तान में पले-बढ़े और प्रशिक्षित आतंकी भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देते आए हैं. लेकिन हर बार घटना के बाद भारत सरकार का रवैया जबानी जमा-खर्च तक रहा. दो-चार दिन की बयानबाजी और कागजी कार्रवाई के बाद गाड़ी पुरानी पटरी पर दौड़ती रही और पाकिस्तान अपनी कारस्तानियों से बाज नहीं आया.

कांग्रेस की सरकार में आतंकवाद पर नरम रूख

देश में आतंकी घटनाओं की लंबी फेहरिस्त है. चूंकि देश में सबसे ज्यादा लंबे समय तक कांग्रेस का राज रहा है, ऐसे में पाक समर्थित आतंकवाद से निपटने के लिए बयानबाजी और डोजियर भेजने का जो तरीका कांग्रेस की सरकार ने शुरू किया, वो 2014 तक जारी रहा. हर आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह रिएक्ट किया, उससे पूरी दुनिया में यह मैसेज गया कि भारत एक ‘सॉफ्ट स्टेट’ है. भारत के इस टालू और ठंडे रवैये से पाकिस्तान के हौसले बुलंद हुए. 2004 से 2014 में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के शासन में आतंकियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वो जहां चाहते थे आसानी से हमले को अंजाम दे देते थे. उन्हें पता था कि भारत सरकार का रवैया बयानबाजी और कागजी लिखा-पढ़ी से ज्यादा कुछ नहीं होगा.

आतंक के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता में भाजपा नीत एनडीए सरकार का आगमन हुआ. जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं. मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के साथ आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करना शुरू किया. जिसका नतीजा यह रहा है कि कश्मीर को छोड़ कर देश के किसी हिस्से में आतंकी घटना की खबर सामने नहीं आई. कश्मीर में स्थानीय लोगों की मदद से आतंकियों और उनके सरगनाओं के हौसले बुलंद हैं. 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद घाटी के हालात तेजी से बदले. उसके बाद से देश में आतंकी घटनाओं का ग्राफ गिरा है.

उरी और पुलवामा हमले का भारत ने लिया जवाब

18 सितंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर स्थित उरी भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने सुबह सवेरे घात लगाकर हमला किया. हमले में हमारे कई जवान शहीद हुए. इस हमले के महज 10 दिन बाद भारतीय जवानों ने 28-29 सितंबर की दरम्यानी रात को पीओके में सीमा के भीतर तीन किलोमीटर अंदर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर डाला. पाकिस्तान को सबक सिखाने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता था. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 की शाम करीब तीन बजे सीआरपीएफ के एक काफिले को श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले का बदला लेने के लिए भारत ने एयर स्ट्राइक का विकल्प चुना था.

इन दो बड़ी घटनाओं के बाद मोदी शासनकाल में पहलगाम घटना सामने आई है. जिसका प्रत्युत्तर मोदी सरकार ऑपरेशन सिंदूर के तौर पर दिया है. चूंकि आतंकियों ने धर्म पूछकर हिंदू पुरुषों की हत्या उनकी पत्नी और परिवार के सामने की. आतंकियों ने हिंदू महिलाओं का सुहाग उजाड़ कर उनके माथे के गौरव सुहाग चिह्न सिंदूर को पोंछने का कुकृत्य किया था. इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने नापाक पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए हुए ऑपरेशन का नामकरण सिंदूर रखकर दुनिया को यह संदेश दिया है कि निर्दोष नागरिकों को मारकर सुहाग उजाड़ने और सिंदूर मिटाने वाले ज्यादा दिन सांस नहीं ले पाएंगे.

सेना ने आतंकियों की जमीन को मिट्टी में मिलाया

पहलगाम आतंकी घटना में हुई नृशंसता के बारे में भारत की बेटियों ने रो-रोकर पूरी दुनिया को बताया था. पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने उजाड़ने के बाद भारतीय सैनिकों की वीरता की कहानी भी प्रेसवार्ता के माध्यम से भारत की दो बेटियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ही पूरी दुनिया के सामने रखी. इस ऑपरेशन के जरिये भारत ने फिर स्पष्ट किया है कि अब कोई आतंकी हमला बिना जवाब के नहीं जाएगा. यह कार्रवाई सिर्फ एक सैन्य उपलब्धि नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक इच्छा का परिणाम है. प्रधानमंत्री के शब्दों में-“अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है.”

(लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं)   हिन्दुस्थान समाचार  

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