ग्रीस में अवैध मस्जिदों पर सरकारी शिकंजा: 6 सवालों में समझें धार्मिक कट्टरपंथ यूरोप में कैसे पसार रहा है पैर

ग्रीस जिसे यूरोप का प्रवेश द्वार कहा जाता है, इन दिनों लगातार चर्चाओं में छाया हुआ है। राजधानी एथेंस में इमिग्रेशन मंत्री थानोस प्लेवरिस ने अवैध मस्जिदों को बंद करने और विदेशी संचालकों को सौंपने का ऐलान कर दिया है। अप्रवासन मंत्री ने 2 फरवरी, 2026 को इस विषय में बोलते हुए कहा कि जो लोग इस ग्रीक कानून का पालन नहीं करेंगे, उन्हें निर्वासित कर दिया जाएगा। इन मस्जिदों के ज्यादातर संचालक बांग्लादेशी हैं, जोकि पिछले कई सालों से क्राइम का गढ़ बनी हुई हैं। इन ठिकानों का प्रयोग मुख्य रूप से संगठित अपराधों, ड्रग्स और मादक पदार्थों की तस्करी, यौन और हिंसक अपराधों तथा आतंकवाद जैसी गतिविधियों में किया जा रहा है। कई मामलों और जांचों में इस बात का खुलासा हुआ। ऐसे अनगिनत अपराधों की एक लंबी सूची है, नीचे इस प्रकार के प्रमुख अपराधिक मामलों के बारे में विस्तार ले जानकारी दी रही है।
1. क्या है पूरा मामला?

Majhabi offering namaz in Illegal mosque (Greekcitytimes)
दरअसल, अधिकारियों की मानें तो एथेंस भर में इस प्रकार के 60 से ज्यादा अवैध ढांचे संचालित हो रहे हैं। ये मस्जिदें मुख्य रूप से तहखानों, अपार्टमेंटों, गोदामों और पार्किंग गैराज जैसी जगहों से संचालित होते हैं। इन्हें आमतौर पर संचालित करने वाले बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिक हैं, ऐसे में इमिग्रेशन मंत्री प्लेवरिस ने जोर देकर कहा कि अवैध स्थलों को संचालित करने वाले इन लोगों का परमिट रद्द किया जाएगा। साथ ही उसे तुरंत निर्वासित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने निकोलाहोस की घटना का भी उल्लेख किया, जहां मस्जिद चलाने वाले बांग्लादेशी नागरिक को निर्वासित किया गया। प्लेवरिस ने साफ करते हुए कहा कि संबंधित मंत्रालयों की मदद से अवैध मस्जिदों को सील किया जाएगा। उन्होंने इसमें शामिल लोगों को देश से बाहर करने के निर्देश दिए हैं।
2. ग्रीस में कैसे तेजी से बढ़ रही है मुस्लिम आबादी?

Islam Expension in Greece
ग्रीस एक छोटा सा देश है, जिसे यूरोप का प्रवेश द्वार कहा जाता है। वहां जनसंख्या (10, 242, 908) हैं, जोकि काफी कम है। मगर वहां की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार ग्रीस में सबसे बड़ी जनसंख्या वाला शहर एथेंस है। वहां क्रिश्चन आबादी सबसे बड़ी है साथ ही मुस्लिम जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। 2023 के अनुसार ये आंकड़ा 2 प्रतिशत है, यानी 204,858 लोगों की संख्या है। वर्तमान में ये तादाद और भी ज्यादा होगी, वहीं हिंदुओं की संख्या मात्र 0.5 प्रतिशत है, जोकि काफी कम है। वहां किसी धर्म को न मानने वाले लोग 4 प्रतिशत हैं। वहीं इसके अलावा यहां अन्य धर्मों के केवल 1 प्रतिशत लोग ही निवास करते हैं। बता दें कि साल 2011 की जनगणना के अनुसार पूरे देश में 1508 मुस्लिम थे, जोकि पूरी अबादी का 0.14 प्रतिशत थे बीते 15 सालों में ये तस्वीर काफी तेजी से बदली है।
यह भी पढ़ें – दलाई लामा को ग्रैमी, CCP को बेचैनी! 5 सवालों से समझें क्या चीनीकरण को चुनौती दे पाएगी दलाई लामा की बढ़ती वैश्विक पहचान?
पिछले सालों में मिडिल ईस्टर्न देशों में बढ़ती राजनैतिक-आर्थिक अस्थिरता के बीच वहां से शरणार्थी भागकर यूरोपीय देशों में बड़ी तादाद में आए हैं। इसमें सबसे पास मुस्लिम देश है, यह भी एक कारण है कि पिछले सालों में इसकी जनसंख्या में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी है। इसमें सबसे बड़ी संख्या में सीरिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश से लोग हैं।
3. ग्रीस के इतिहास में धार्मिक कट्टरता के लिए लोगों में गुस्सा
काफी उत्पीडन और अन्याय का सामना करते हुए ग्रीस को 1821 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद ओटोमन साम्राज्य से 1830 में आजादी मिली। ये सब झेल चुके एथेंस ने सुनिश्चित किया कि वे किसी भी कीमत पर मजहबी कट्टरता को अपनी तरफ नहीं बढ़ने देगा। आजादी के बाद ग्रीस में कई सरकारें आई मगर जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए मस्जिदों को दोबारा शुरू करने के बात नहीं की, इसके बावजूद भी वो बढ़ती मुस्लिम आबादी को नियंत्रित नहीं कर सकी। पीढ़ियों से दमन झेल चुकी वहां की जनता लगातार मस्जिदों का विरोध करती हैं।
यह भी पढ़ें – दलाई लामा को ग्रैमी, CCP को बेचैनी! 5 सवालों से समझें क्या चीनीकरण को चुनौती दे पाएगी दलाई लामा की बढ़ती वैश्विक पहचान?
4. ग्रीस में कब और कैसे पकड़े गए पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक?
ग्रीस में अवैध पूजा स्थलों के खिलाफ कार्रवाई, प्रवासी तस्करी, यौन उत्पीड़न और हिंसक अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, निर्वासन और आतंकवाद विरोधी जांच से जुड़े कई मामले आए हैं। ये मामले इस बात पर मुहर लगाते हैं कि सरकार ने पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों द्वारा संचालित हो रही मस्जिदों पर बैन क्यों लगाया है।
– साइकीज में अवैध प्रवासियों को शरण देने के आरोप में पकड़ा गया पाकिस्तानी नागरिक
ग्रीक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 जुलाई, 2025 को साइकीज में तीन अवैध प्रवासियों को आश्रय प्रदान करने के आरोप में एक 19 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि एक अफगान और दो इरिट्रियाई नागरिक सहित ये प्रवासी तुर्की में सक्रिय एक तस्करी नेटवर्क को कथित तौर पर 3,000 डॉलर प्रति व्यक्ति का भुगतान करके अवैध रूप से ग्रीस में प्रवेश कर गए थे।
– एथेंस के पास बालात्कार के पीछे भी पाकिस्तानी व्यक्ति था शामिल
12 फरवरी, 2024 में एथेंस के पास अवलोनास में एक 40 वर्षीय भारतीय महिला के साथ बालात्कार के आरोप में पाकिस्तानी युवक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जान पहचान का फायदा उठाकर महिला से रेप किया और वीडियो बनाकर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी।
– ग्रीस में नियोजित आतंकी हमलों की साजिश में 2 पाकिस्तानी गिरफ्तार
28 मार्च, 2023 में ग्रीस पुलिस ने दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर ग्रीस में इजरायली और यहूदी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले की योजना बनाने का आरोप है। मोसाद की मदद से ये गिरफ्तारियां की गईं, जिसने बताया कि ये संदिग्ध ईरान से जुड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा थे।
– महिलओं पर हमले करने वाले पाकिस्तानी नागरिक को 7 साल की सजा
महिलाओं पर हिंसक हमलों की एक श्रृंखला में दोषी पाए जाने के बाद एक पाकिस्तानी नागरिक को ग्रीस में सात साल की जेल की सजा सुनाई गई । मामला एक युवती पर हुए क्रूर हमले से जुड़ा है, जिसे उसकी मां से मिलने जाते समय पीटा गया और लगभग बलात्कार किया गया। वहां से गुजर रहे एक साइकिल सवार ने हस्तक्षेप करके हमले को रोका। इस मामले में जांच के दौरान 16 महिला पीड़ितों की पहचान हुई।
यह भी पढ़ें – गाजियाबाद में बहनों के ट्रिपल सुसाइड से सनसनी, 10 सवालों से जानें भारत समेत दुनिया भर के देश जहां हैं सख्त कानून?
– ग्रीस में 5 साल की बच्ची पर हमला और 17 साल की लड़की की हत्या के आरोप में 2 पाकिस्तानी गिरफ्तार
2 जनवरी 2022 में ग्रीस के पेरिस्टेरी में 17 वर्षीय निकोलेटा की हत्या के आरोप में ग्रीक पुलिस ने अहसान नामक एक अवैध पाकिस्तानी अप्रवासी को गिरफ्तार किया है। वहीं साल 2021 में एटिका के कोरोपी इलाके में एक 20 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक को पांच वर्षीय बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी इहतिशाम अली एक स्थानीय घुड़सवारी क्लब में कार्यरत था।
जनवरी 2021 में, एक अन्य मामले में एथेंस में एक नाबालिग लड़की के साथ लंबे समय तक चले यौन शोषण के मामले में किशोर संरक्षण उप-निदेशालय द्वारा की गई जांच के बाद ग्रीक अधिकारियों ने 29 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया।
– ग्रीस ने 30 अवैध पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया
अगस्त 2020 में ग्रीक अधिकारियों ने क्रेते द्वीप पर अवैध पाकिस्तानी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें कार्यस्थलों पर आक्रामक व्यवहार की शिकायतों के बाद लगभग 30 पाकिस्तानियों को हिरासत में लिया गया था।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार , एक पाकिस्तानी व्यक्ति द्वारा एक यूनानी महिला के साथ दुर्व्यवहार के बाद तनाव बढ़ गया, जिससे टिम्पाकी शहर में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुईं। अशांति के दौरान, सैकड़ों स्थानीय युवाओं ने एक मस्जिद पर हमला किया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर पाकिस्तानी प्रवासी करते थे।
– ग्रीस में 2 नाबालिगों को दवा देकर हमला करने के आरोप में पकिस्तानी गिरफ्तार
14 दिसंबर 2020 को ग्रीस में ग्रीक पुलिस एक पाकिस्तानी नागरिक से जुड़े मामले की जांच कर रही है, जिस पर 16 और 17 वर्ष की दो नाबालिग लड़कियों को नशीली दवा देकर बलात्कार करने और गैरकानूनी रूप से बंधक बनाने का आरोप है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, लड़कियां भागने में कामयाब रहीं और उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह के एक अन्य मामलें में 28 सितंबर, 2020 में 34 और 35 दो आयु के दो पाकिस्तानी नागरिकों को मध्य थेसालोनिकी में गिरफ्तार किया गया, जब एक 20 वर्षीय ग्रीक महिला ने उन पर अपहरण और बलात्कार का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें – गाजियाबाद में बहनों के ट्रिपल सुसाइड से सनसनी, 10 सवालों से जानें भारत समेत दुनिया भर के देश जहां हैं सख्त कानून?
– सुरक्षा व्यवस्थाओं पर हमलों के बाद ग्रीक अधिकारियों ने पाकिस्तानी और बांग्लादेशी प्रवासियों पर निगरानी बढ़ाई
ग्रीक अधिकारियों ने कहा कि लेस्बोस द्वीप पर स्थित भीड़भाड़ वाले मोरिया शरणार्थी शिविर में 2020 में लगी आग से जुड़े दंगों के बाद प्रवासियों की गतिविधियों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। इस आग के कारण लगभग 12,000 निवासी विस्थापित हो गए थे।
– एथेंस हवाई अड्डे से 11 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक पाकिस्तानी गिरफ्तार
19 दिसंबर 2018 में ग्रीक अधिकारियों ने एथेंस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 43 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक एलेफ्थेरियोस वेनिज़ेलोस को गिरफ्तार किया, जब उसे 11 किलोग्राम से अधिक हेरोइन की तस्करी करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि लाहौर से दोहा होते हुए आने के बाद तस्करी विरोधी अभियान के दौरान संदिग्ध को रोका गया। उसके सामान की तलाशी में एक विशेष रूप से निर्मित नकली डिब्बे में छिपाए गए। लगभग 11.18 किलोग्राम वजन के हेरोइन के चार पैकेट बरामद हुए।
5. कौन से देश हैं जहां नहीं मिली इस्लाम को मान्यता?
बाल्टिक देश एस्टोनिया और स्लोवाकिया दो ऐसे देश हैं, जहां मुस्लिम धर्म को आधिकारिक दर्जा नहीं दिया गया है। इसलिए इन देशों में आधिकारिक रूप से कोई भी मस्जिद निर्माण की अनुमति नहीं हैं। इसके लिए वहां की सरकारों ने अपने कारण दिए हैं, मगर सबसे महत्वपूर्ण कारण यही है कि वहां के लोग अब किसी भी रूप में मजहबी कट्टरता को बढ़ावा नहीं देना चाहते। हालांकि पिछले कुछ सालों में दोनों ही देशों में मुस्लिम आबादी में काफी ज्यादा वृद्धि हुई है।
6. यूरोपीय देशों में कैसे बढ़ रहा है धर्मिक कट्टरता के खिलाफ गुस्सा?
यूरोप के कई देशों में धार्मिक कट्टरता के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है, इसके पीछे तेजी से बढ़ती मुस्लिम जनसंख्या, मस्जिदों की संख्या व बढ़ने वाले उपद्रव और हिंसा के मामले भी एक कारण हैं। ये एक सोचा समझा और फुल प्रूफ मॉडल है, जिसे अब सरकारें पहचान रही हैं। मिसाल के तौर पर फ्रांस का ही उदाहरण लें तो ये उदार देश लगातार कट्टरपंथियों के निशाने पर रहा है। इसे लेकर अब यह सख्त कदम भी उठा रहा है। इन सरकारों की नजर धर्म के नाम पर होने वाली विदेशी फंडिंग पर रहती है, जोकि टेरर फंडिंग के खिलाफ सख्त कदम है। स्वीडन और डेनमार्क जैसे देश भी मिडिल इस्ट से आ रहे शरणार्थियों को लेने से हिचकिचा रहे हैं। लगातार इन देशों में बढ़ती मुस्लिम जनसंख्या सरकार से साथ वहां के लोगों को भी परेशान कर रही है।
जर्मनी: शरणार्थी संकट के बाद धार्मिक कट्टरता को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ी। सरकार ने कट्टरपंथी संगठनों पर निगरानी बढ़ाई और कई इस्लामिक नेटवर्क्स पर प्रतिबंध लगाए।
इटली: कट्टरपंथ और अवैध प्रवास को जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार ने धार्मिक संस्थानों की फंडिंग और विदेशी प्रभाव पर सख्ती बढ़ाई है।
स्वीडन: कुरान जलाने की घटनाओं के बाद भले विवाद हुआ, लेकिन इसके पीछे आम नागरिकों की यह भावना दिखी कि धार्मिक कट्टरता अभिव्यक्ति की आजादी और महिला अधिकारों के खिलाफ खड़ी हो रही है।
यह भी पढ़ें – गाजियाबाद में बहनों के ट्रिपल सुसाइड से सनसनी, 10 सवालों से जानें भारत समेत दुनिया भर के देश जहां हैं सख्त कानून?
यह भी पढ़ें – दलाई लामा को ग्रैमी, CCP को बेचैनी! 5 सवालों से समझें क्या चीनीकरण को चुनौती दे पाएगी दलाई लामा की बढ़ती वैश्विक पहचान?
यह भी पढ़ें – क्या UGC के नए नियम इंदिरा जय सिंह की दिमागी उपज है? SC के बड़े फैसले के बीच समझें कैसे 2025 के मसौदे को बदला गया?











