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दिल्ली में रेखा सरकार का एक साल: आधार मूल संरचना से लेकर आधुनिकीकरण तक, जानें किन मुद्दों पर रहा फोकस 

Editor Ritam HindiEditor Ritam Hindi19 Feb 2026, 05:31 pm IST
दिल्ली में रेखा सरकार का एक साल: आधार मूल संरचना से लेकर आधुनिकीकरण तक, जानें किन मुद्दों पर रहा फोकस 
दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार को एक साल पूरे होने पर राजधानी में क्या बदलाव आए।

देश की राजधानी दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने 2026 में अपना एक साल पूरा कर लिया। इस दौरान प्रशासन, बुनियादी ढांचे और शहर प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया। आधार मूल संरचना से लेकर आधुनिकीकरण तक सरकार ने कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण और शहरी विकास जैसे आम जन मानस के मुद्दों पर फोकस किया। संरचनात्मक विकास से लेकर आधुनिकीकरण की दिशा तक कैसा रहा है रेखा गुप्ता सरकार का एक साल का कार्यकाल, नीचे मुख्य बिंदुओं की मदद से समझाया जा रहा है।

1. सत्ता में आते ही आयुष्मान भारत योजना की सौगात  

सत्ता में आने के साथ ही दिल्ली सरकार ने राजधानी में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। केंद्र की इस योजना के तहत 5 लाख रूपये तक का ईलाज मुफ्त किया जाएगा। इस योजना का लक्ष्य 6.5 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देना है।

2.आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती

सत्ता में आने के पहले साल में बीजेपी सरकार ने पूरी दिल्ली में स्वास्थ्य अवसंरचना (Health Infrastructure) को मजबूत करने के लिए काम किया है। इसके लिए 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनवाए हैं, इसका दीर्घकालिक लक्ष्य प्रत्येक विधानसभा में 1,100 केंद्रों को स्थापित करना है। आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में केंद्र सरकार की व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बाह्य रोगी देखभाल, निदान परिक्षण, दवा वितरण, टीकाकरण, मातृ देखभाल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

3. सीएम श्री प्रोजेक्ट से हाईटेक होंगे 75 सरकारी स्कूल 

दिल्ली के रेखा गुप्ता सरकार ने पहले बजट में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए 886 करोड़ रुपये आवंटित किए। उस दौरान स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब्स, एजुकेशन लेब जैसी योजनाओं पर फोकस रखा गया। हाल ही में दिल्ली के 75 सरकारी स्कूलों को हाईटेक बनाने के लिए सीएम श्री प्रोजेक्ट शुरू किया है।

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4. विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण और भूमिगत केबलिंग विस्तार

रेखा सरकार ने राजधानी के बिजली ढांचे को आधुनिक बनाने व इसमें सुधार लाने के लिए बड़े पैमाने पर भूमिगत केबल बिछाने की परियोजनाओं को शुरू किया है। सरकार की तरफ से इस भूमिगत चैनल के चरणबद्ध विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं इसमें 125 कॉलोनियों को कवर करने के लिए 463 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है।

5. NCR कनेक्टिविटी के लिए सड़कों का विकास और नवीनीकरण के कार्य

सरकार ने सड़कों के विकास में सरकार ने 150 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया है। 400 किमी सड़कों का काम मार्च 2026 तक और 600 किमी का वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री सड़क विकास कोष के तहत 1,400 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि एनसीआर कनेक्टिविटी के लिए 1,000 करोड़ रुपये केंद्र की मदद से खर्च किए गए। सड़कों के पुनर्निर्माण और नवीनीकरण का कार्य तेजी से हो रहा है।

6. लैंडफिल और अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा पर रहा सरकार का फोकस

दिल्ली में कूड़े की समस्या एक बड़ी चुनौती रही है। बीजेपी सरकार ने लैंडफिल हटाने का लक्ष्य 2028 रखा गया है, जिसमें अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता 15,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 25,000 टन प्रतिदिन की गई। ओखला लैंडफिल पर 56 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा प्रोसेस किया गया, जिससे ऊंचाई घटी और 30 एकड़ भूमि मुक्त हुई। अतिरिक्त बायोमाइनिंग एजेंसियां नियुक्त की गईं, चरण-II और चरण-III कार्य शुरू हुए, तथा कुछ साइटों पर नया कचरा डंपिंग बंद किया गया।

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7. यमुना की सफाई (जल उपचार) व सीवेज बुनियादी ढांचे में बदलाव

बीजेपी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले साल में यमुना की सफाई को प्राथमिकता दी। साल 2025-26 बजट में 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सरकार  ने 20 प्रमुख नालों को जल निकासी उपचार संयंत्रों से जोड़ने की योजना बनाई है। इससे यमुना में अनुपचारित जल को बहने से रोकने में मदद मिलेगी। सरकार ने एक व्यापक सीवर संपर्क कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें 1300 सीवर कनेक्शन 2.5 लाख कनेक्शन अनुपचारित घरेलु जल निकासी लक्षित है। ये यमुना के 1,600 हेक्टेयर बाढ़ क्षेत्र को बहाल करने में मदद करेगा।

8. सार्वजनिक परिवहन पर फोकस, इलेक्ट्रिक बसों के बुनियादी ढांचों का विस्तार

अपने पिछले एक साल में रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी के पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के विकास और विस्तार पर फोकस किया गया है। इलेक्ट्रिक बसों में 500 से ज्यादा बसों को जोड़ा गया है, जिससे इनकी संख्या बढ़कर 4,000 से ज्यादा हो गई है। इससे जहां एक तरफ परिचालन की दक्षता में सुधार आया है, तो वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण को कम करने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सरकार का लक्ष्य इन बसों की संख्या को साल 2026 तक 7500 और 2028  तक 14, 000 इलेक्ट्रिक बसों तक बढ़ाना है। ये सार्वजनिक परिवहन को मजबूत कर भविष्य की उत्सर्जन की जरूरतों को मजबूत करेगा।

9. अन्य कार्य और योजनाएं, जो रहीं चर्चाओं का केंद्र 

इन सभी कार्यों के साथ-साथ 25 दिसंबर 2025 को अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के मौके पर दिल्ली में 45 अटल कैंटीन शुरू की गई थीं। इनका उद्देश्य केवल 5 रुपये में पोष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। इसे 100 जगहों पर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेखा गुप्ता सरकार ने पहले ही साल में बुनियादी ढांचे, विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस किया, जोकि गहरे दीर्घकाली प्रभाव छोड़ेगा।

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