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प्रकाश राज ने किया अवैध घुसपैठ का बचाव, नेहरू की विदेश नीति पर बरसे CDS- पढ़ें दिन की मुख्य खबरें

Editor Ritam HindiEditor Ritam Hindi25 Sept 2025, 04:28 pm IST
प्रकाश राज ने किया अवैध घुसपैठ का बचाव, नेहरू की विदेश नीति पर बरसे CDS- पढ़ें दिन की मुख्य खबरें

1962 के युद्ध में एयरफोर्स चीन का आक्रमण धीमा कर सकती थी: CDS अनिल चौहान

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारतीय वायु सेना की तैनाती से चीन के आक्रमण को काफी हद तक धीमा किया जा सकता था. उन्होंने NEFA और लद्दाख दोनों पर एक ही नीति लागू करने के लिए तत्कालीन नेहरू सरकार की आलोचना करते हुए इसे “गलत” (flawed) बताया.

उन्होंने तर्क दिया कि उस समय वायु सेना का उपयोग “संघर्ष बढ़ाने वाला” माना जा सकता था, लेकिन आज ऐसा नहीं है. उन्होंने इस बदलाव के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया.

NEFA और लद्दाख के प्रति नेहरू सरकार के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए CDS चौहान ने जोर देकर कहा, “मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि फॉरवर्ड पॉलिसी को लद्दाख और नेफा पर समान रूप से लागू नहीं किया जाना चाहिए था. दोनों क्षेत्रों में विवाद का इतिहास बहुत अलग था, सुरक्षा संदर्भ अलग थे और इलाके पूरी तरह से अलग थे.

लद्दाख में, चीन पहले ही भारत के अधिकांश क्षेत्र पर कब्जा कर चुका था, जबकि नेफा में भारत के दावे की वैधता अधिक मजबूत थी. दोनों को बराबर मानना और एक जैसी नीतियों का पालन करना, मेरे विचार से, एक महत्वपूर्ण दोष था.”

नेहरू सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों पर बात करते हुए, CDS ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल थोराट ने वायुसेना का उपयोग करने पर विचार किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस तरह के कदम की अनुमति नहीं दी.

वायु सेना के संभावित उपयोग पर, उन्होंने कहा, “इससे 1962 के संघर्ष के दौरान एक महत्वपूर्ण लाभ मिलता. कम समय में जवाबी कार्रवाई, अनुकूल भूगोल और दुश्मन पर भारी पेलोड पहुंचाने की क्षमता के साथ, वायु शक्ति का उपयोग चीनी आक्रमण को पूरी तरह से रोकने में नहीं तो, काफी हद तक धीमा कर सकता था. इससे सेना को तैयारी के लिए और अधिक समय मिल जाता. उस समय, वायु सेना के उपयोग को संघर्ष को बढ़ाने वाला माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर इसका एक सटीक उदाहरण है.”

1962 के युद्ध से पहले लेफ्टिनेंट जनरल थोराट की चेतावनियों पर प्रकाश डालते हुए, CDS चौहान ने नेतृत्व और सैन्य रणनीति में गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए थोराट की आत्मकथा, “रेवेल टू रिट्रीट” की प्रशंसा की.

बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज ने किया अवैध आप्रवासन का बचाव

विवादों से अक्सर घिरे रहने वाले बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज ने अवैध आप्रवासन का सार्वजनिक रूप से बचाव करके एक और विवाद खड़ा कर दिया है। यह टिप्पणी उन्होंने ‘लॉन्गिंग फॉर जस्टिस: कंटीन्यूअस डेनियल ऑफ बेल एंड केजिंग डिसेंट’ नामक एक कार्यक्रम में की।

इस कार्यक्रम में कई वकील और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल थे, जिन्होंने प्रमुख शासन संबंधी मुद्दों पर लगातार मोदी सरकार का विरोध किया है। प्रतिभागियों में जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस इकबाल अंसारी, एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्वेस, कन्नन गोपीनाथन, एडवोकेट नित्या रामकृष्णन, बॉलीवुड अभिनेता प्रकाश राज, एडवोकेट प्रशांत भूषण, एडवोकेट संजय हेगड़े, एडवोकेट वारिशा फरासत और कार्यक्रम का संचालन करने वाले एडवोकेट शाहरुख आलम शामिल थे। यह कार्यक्रम 24 सितंबर को नई दिल्ली के जवाहर भवन में हुआ था।

कार्यक्रम और उसके पोस्टर का विवरण एक्टर ने अपने X पर साझा किया। इसके बाद प्रकाश राज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें अवैध आप्रवासन का बेशर्मी से बचाव करते हुए, शिकायतों के लिए कानूनी रास्ता और अदालतों में जाने के खिलाफ लोगों को उकसाते हुए सुना जा सकता है।

अवैध आप्रवासियों का बचाव करते हुए, राज ने कहा, “आप सभी को समझना चाहिए कि यह दक्षिणपंथी सरकारें और दुनिया भर में दक्षिणपंथी सरकारें चाहती हैं कि हम नरसंहार देखें; वे इसे नया सामान्य बनाना चाहती हैं। भारतीय दक्षिणपंथी इजरायल के नरसंहार पूरा करने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे भी ऐसा ही कर सकें। यदि हम खड़े नहीं होते और यह नहीं कहते कि इस धरती पर कोई भी इंसान अवैध नहीं है, यदि हम खड़े नहीं होते और यह नहीं कहते कि एक जगह से दूसरी जगह जाना, यह दुनिया सभी की है, तो ये नरसंहार जारी रहेंगे। एकमात्र तरीका विरोध (resilience) है, अदालतें नहीं, और मुझे उसमें उम्मीद है।”

DRDO ने अग्नि-प्राइम मिसाइल का किया सफल परीक्षण, भारत की पहली रेल लॉन्चर मिसाइल

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने नई पीढ़ी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर से एक खास रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से किया गया. इस सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास ‘कैनिस्टराइज्ड’ लॉन्च सिस्टम है, जो चलते हुए मिसाइल दाग सकता है.

यह मिसाइल 2000 किलोमीटर तक सटीक निशाना साध सकती है, जिससे भारत की सामरिक ताकत में भारी इजाफा हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस सफलता के लिए DRDO को बधाई दी है.

DRDO की अग्नि-प्राइम मिसाइल: जानें इसकी खासियत और मोबाइल लॉन्चर की ताकत

DRDO ने नई पीढ़ी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर से एक खास रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से किया गया. इस सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास ‘कैनिस्टराइज्ड’ लॉन्च सिस्टम है.

अग्नि-प्राइम की मुख्य विशेषताएं:

रेंज: यह इंटरमीडिएट रेंज की मिसाइल है, जो 2000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है.

सटीक निशाना: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से दुश्मन के ठिकाने पर अचूक वार कर सकती है.

मजबूत डिजाइन: ‘कैनिस्टर’ (बंद बॉक्स) में रखी होने के कारण यह बारिश, धूल या गर्मी से पूरी तरहसुरक्षित रहती है.

तेज रिएक्शन: इसे कम समय में लॉन्च किया जा सकता है.

मोबाइल लॉन्चर की खासियत:

रणनीतिक लाभ: यह लॉन्चर रेल नेटवर्क पर बिना किसी तैयारी के चल सकता है, जिससे दुश्मन को चकमा देना आसान है.

गतिशीलता: यह क्रॉस-कंट्री मोबिलिटी प्रदान करता है, यानी जंगल, पहाड़ या मैदान में इसे आसानी से ले जाया जा सकता है.

त्वरित लॉन्च: लॉन्चर रुकते ही मिसाइल दाग सकता है, जिससे रिएक्शन टाइम कम होता है.

महाराष्ट्र: गढ़चिरौली में 6 माओवादियों ने किया  पुलिस के सामने सरेंडर

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 6 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 2 डिविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम), 2 पोलित ब्यूरो कमेटी सदस्य (पीपीसीएम), 1 एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) और एक कमांडर है. इनमें भीमन्ना उर्फ ​​सुखलाल कुलमेथे (58), विमलक्का उर्फ ​​शंकरक्का सादमेक (56), कविता उर्फ ​​शांति मज्जी (34), नागेश उर्फ ​​गुड्डी माडवी (39), समीर एतु पोटम (24) और नवाता उर्फ ​​सुरेखा माडवी (28) शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार, यह कदम गढ़चिरौली और दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सल आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका है. केंद्र सरकार की नीतियों और नक्सलवाद को खत्म करने के संकल्प के कारण इस साल यह तीसरी बड़ी घटना है. गौरतलब है कि जनवरी 2025 में 11 और जून 2025 में 12 माओवादियों ने भी सरेंडर किया था.

UP: पीछा कर लाइब्रेरी में घुसा शहबाज…बचने के लिए रचा बॉयफ्रेंड होने का झूठ, गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जब एक छात्रा मनचले से बचने के लिए पास की लाइब्रेरी में चली गई, तो आरोपी ने पीछा करते हुए उसे पकड़ने और छेड़छाड़ करने की कोशिश की. डर के मारे, छात्रा रिसेप्शन में भागी. बचने के लिए आरोपी ने बॉयफ्रेंड होने का झूठ बोलना शुरू कर दिया, लेकिन सेहमी छात्रा चिल्लाती रही कि वह उसकी गर्लफ्रेंड नहीं है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लाइब्रेरी के रिसेप्शनिस्ट के रोकने के बाद भी मनचला पीड़िता का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं था. इसके बाद छात्रा ने पुलिस से मदद लेने के लिए फोन करने की बात कही. यह पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए, छात्रा के परिजनों की तहरीर पर आरोपी शहबाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे 25 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, 13 महिलाएं और 12 पुरुष 

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध रूप से रह रहे 25 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए 25 लोगों में से 13 महिलाएं और 12 पुरुष हैं, जो एक एप्लिकेशन का उपयोग करके बांग्लादेश में लोगों से संपर्क में थे. इन सभी घुसपैठियों को जल्द ही बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा.

वहीं, त्रिरपरा में उदयपुर के महारानी क्षेत्र में पुलिस ने एक ऑटो-रिक्शा से 5 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिरासत में लिया है. उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी देबांजलि रे के अनुसार, “इन पांचों मजदूरों को पश्चिमी त्रिपुरा में स्थित राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक आश्रय गृह में भेज दिया गया है. सीमा सुरक्षा बल (BSF) अब इन्हें वापस भेजने के लिए बांग्लादेशी समकक्षों से बात करेगा.”

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के नए निर्देश के अनुसार, अब इन घुसपैठियों को सीधे गिरफ्तार करने के बजाय सरकारी आश्रय गृहों में रखा जाएगा. बता दें कि इससे पूर्व, बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाता था.

यूपी ATS ने ₹5 लाख के इनामी नक्सली डॉक्टर को किया गिरफ्तार, नकदी और हथियार बरामद

यूपी एटीएस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर उमेश सिंह उर्फ डॉक्टर को सोनभद्र जनपद से गिरफ्तार किया है. झारखंड में सक्रिय इस नक्सली पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था. उसकी गिरफ्तारी झारखंड के पलामू में हुई एक मुठभेड़ के बाद हुई, जहां से वह भागकर यूपी में घुसने की फिराक में था. पुलिस ने आरोपी के पास से एक रिवॉल्वर, पिस्टल, इंसास राइफल और एसएलआर राइफल के कारतूस के साथ ₹99,000 नकद भी बरामद किए हैं. आरोपी को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजकर उससे आगे की पूछताछ की जा रही है.

कौशांबी: मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म अपनाकर की घर वापसी, 9 साल के प्रेम के बाद हिंदू युवक से की शादी

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म अपनाकर अपने प्रेमी से विवाह कर लिया है. शाबरीन बानो नाम की इस लड़की ने अभिषेक सोनी से 9 साल के प्रेम प्रसंग के बाद यह फैसला लिया. कौशांबी के एक दुर्गा मंदिर में शाबरीन ने हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया, जिसके बाद अब उसका नया नाम सीता हो गया है.

सीता के अनुसार, कि उसने हिंदू धर्म में महिलाओं के सम्मान को देखते हुए यह कदम उठाया है. दोनों स्कूल के समय से एक-दूसरे को जानते थे.

उत्तराखंड पेपर लीक का मुख्य साजिशकर्ता खालिद मलिक गिरफ्तार, देहरादून प्रदर्शन में लगे ‘JNU’ जैसे वामपंथी नारे   

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के पेपर लीक मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता खालिद मलिक को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि उसने बहादरपुर जट परीक्षा केंद्र में जैमर सहित कमरे से डिवाइस के जरिए पेपर लीक किया था. इस मामले में उसकी बहनें और एक प्रोफेसर पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं.

वहीं, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना को ‘नकल जिहाद’ बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. पुलिस का कहना है ति मामले की जांच जारी है. साथ ही, इस रैकेट में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. वहीं दूसरी ओर, देश में पेपर लीक के विरोध में कई प्रोटेस्ट किए जा रहे हैं, इनमें से एक देहरादून में चल रहे प्रदर्शन में भड़काऊ नारे लगाने का मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ रहा है.

वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी JNU जैसे वामपंथी नारे लगाते सुने जा सकते हैं, इन पर हिंसात्मक होने का आरोप लग रहा है. देहरादून प्रोटेस्ट में “हम छीन कर लेंगे आजादी, सड़क से लेंगे आजादी’ जैसे नारे JNU परिसर में कुछ साल पहले लगे नारों के बाद आए है.

काशीपुर हिंसा पर CM धामी ने अपनाया सख्त रूख: दंगाइयों से होगी नुकसान की भरपाई

उत्तराखंड के काशीपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ जुलूस में हुए हिंसक बवाल पर सीएम  पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है. बिना अनुमति निकाले जा रहे इस जुलूस को रोकने पर पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ और वाहनों में तोड़फोड़ की गई. मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई उन्हीं से कराई जाएगी. इस मामले में पुलिस ने 500 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अभी फरार हैं.

पहलगाम आतंकी हमले में प्रमुख सहयोगी मोहम्मद कटारी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के पीछे के आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सहायता देने के आरोप में मोहम्मद कटारी को गिरफ्तार किया है. उसकी गिरफ्तारी जुलाई में हुए ऑपरेशन महादेव के दौरान जब्त किए गए हथियारों के फोरेंसिक परीक्षण के बाद हुई, जहां 26 नागरिकों को मारने के बाद बैसरन घाटी में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया था.

हथियारों के विश्लेषण से पहलगाम आतंकी हमले में उनके इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई, जिससे जांचकर्ता कटारी तक पहुंचे. अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा और न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा. पुलिस ने कहा कि यह हमले से जुड़े हर व्यक्ति का पता लगाने के चल रहे प्रयासों में एक बड़ी सफलता है.

लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए अप्रैल के इस हमले को लगभग दो दशकों में क्षेत्र का सबसे घातक हमला माना जाता है. इसके मास्टरमाइंड, सुलेमान शाह उर्फ ​​हाशिम मूसा, जो कि पाकिस्तान सेना के एक पूर्व कमांडो थे, को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया था. सरकार ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने का संकल्प लिया है.

महाभारत से मुगल काल तक: डॉ. भैरप्पा की समृद्ध और प्रभावशाली साहित्य यात्रा

प्रसिद्ध कन्नड़ लेखक और पद्मभूषण से सम्मानित एस.एल. भैरप्पा का 24 सितंबर 2025 को बेंगलुरु में 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया.

छह दशक लंबे साहित्यिक सफर में उन्होंने 25 उपन्यासों के माध्यम से भारतीय महाकाव्यों और इतिहास को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया.

उनका उपन्यास पर्व महाभारत का यथार्थवादी रूपांतरण है, जिसमें पौराणिक कथाओं से हटकर मानवीय दशा और संघर्ष को प्रमुखता दी गई.

आवरण उपन्यास में उन्होंने मुगल काल के इतिहास पर बहस छेड़ी, जिसने इतिहास और धर्मनिरपेक्षता पर गहरे विचारों को जन्म दिया.

उनकी रचनाएं अनेक भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं और कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है.

वे दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर भी थे, जिन्होंने कर्नाटक सहित पूरे भारत में साहित्य और शैक्षिक क्षेत्रों को प्रभावित किया.

BCCI ने की ICC से शिकायत, हारिस रऊफ-साहिबजादा फरहान की उकसाने वाली हरकतों पर जताई आपत्ति

भारत ने एशिया कप सुपर 4 के मैच के दौरान पाकिस्तान के क्रिकेटर हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान की उकसाने वाली हरकतों के खिलाफ ICC  में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है. BCCI ने हारिस रऊफ की मैच के दौरान की गई उकसाने वाली और राजनीतिक रूप से प्रेरित हरकत पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को  गाली भी दी थी. साहिबजादा फरहान ने भी अपने बल्ले से बंदूक चलाने जैसी भड़काउ हरकत की थी.

इन दोनों खिलाड़ियों को अब आईसीसी एलीट पैनल के रेफरी रिची रिचर्डसन के सामने अपने व्यवहार के बारे में सफाई देनी होगी. अगर वे अपने कार्यों को उचित नहीं ठहरा पाते हैं, तो उनके खिलाफ ICC आचार संहिता के तहत प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

“भारत को दंडित नहीं करना चाहते”: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सहयोगी क्रिस राइट

अपनी आदत के अनुसार, भारत के खिलाफ विरोधी टिप्पणी को मीठे शब्दों में लपेटते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सलाहकार और अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने भारत की गहरी सराहना की. उन्होंने भारत को “शानदार साझेदार” और देश का “प्रबल प्रशंसक” बताया.

क्रिस राइट ने भारत को “एक अद्भुत सहयोगी” और देश का “बहुत बड़ा प्रशंसक” बताते हुए उसकी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि रूस से तेल की लगातार खरीद पर चिंताओं के बावजूद, अमेरिका “भारत को दंडित नहीं करना चाहता”. वाशिंगटन ने बार-बार आरोप लगाया है कि भारत के तेल आयात से Russia ko युद्ध के लिए धन मिलता है. उन्होंने भारत को रूसी तेल पर अपनी निर्भरता पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया और तर्क दिया कि भारत के पास अन्य विकल्प हैं. ट्रंप के सहयोगी के अनुसार, भारत रूस को छोड़कर किसी भी देश से तेल खरीद सकता है, और कहा कि अमेरिका ऊर्जा व्यापार और सहयोग का विस्तार करने के लिए उत्सुक है.

यदि धर्मांतरण अवैध पाया गया, तो शादी भी अमान्य: इलाहाबाद HC ने खारिज की मोहम्मद बिन कासिम की याचिका 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने (24 सितंबर) एक अंतरधार्मिक विवाह को अवैध घोषित कर दिया, जब यह पता चला कि हिंदू पत्नी का इस्लाम में धर्मांतरण एक फर्जी प्रमाण पत्र पर आधारित था. कोर्ट ने मोहम्मद बिन कासिम (उर्फ अकबर) और उनकी पत्नी चंद्रकांता (इस्लाम में धर्मांतरण के बाद जैनब परवीन) की पुलिस सुरक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें लड़की के परिवार से जान को खतरा होने का हवाला दिया गया था.

हिंदू लड़की चंद्रकांता ने फरवरी में कौशांबी में खानकाह आलिया आरिफिया (एक इस्लामी धार्मिक स्थल) में इस्लाम कबूल कर लिया था और दंपति ने मई में इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर ली थी. हालांकि सुनवाई के दौरान, धार्मिक संस्था ने पुष्टि की कि उसने कोई धर्मांतरण प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि चूंकि प्रमाण पत्र फर्जी था, इसलिए मुस्लिम कानून के तहत यह शादी अमान्य थी. मुस्लिम कानून केवल मुस्लिमों के बीच ‘निकाह’ की अनुमति देता है.

इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने दंपति के वकील पर बिना सत्यापन के दस्तावेज जमा करने के लिए ₹25,000 का जुर्माना लगाया और निर्देश दिया कि चंद्रकांता को प्रयागराज में एक महिला आश्रय गृह में रखा जाए, क्योंकि उसने अपने माता-पिता के पास लौटने से इनकार कर दिया था और वहां रहने की सहमति दी थी.

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